facebookmetapixel
Advertisement
Milk Price Hike: 2,000 किलोमीटर दूर का युद्ध कैसे महंगा कर रहा है आपकी घर की चाय?क्रेडिट कार्ड बंद करने की सोच रहे हैं? कही जेब पर भारी न पड़ जाए ‘प्लास्टिक मनी’ से दूरी का यह फैसला!South India में मजदूरों की भारी किल्लत: कंपनियां दे रही हैं फ्री फ्लाइट और तगड़ा सैलरी हाइक!अगले हफ्ते स्टॉक स्प्लिट करने जा रही है यह कंपनी, निवेशकों को 1 के बदले मिलेंगे 2 शेयर‘अब सिर्फ ट्रायल नहीं, कंपनियों के कामकाज का मुख्य हिस्सा बना AI’, TCS चेयरमैन ने किया दावापेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स बेहाल, 5 घंटे काम बंद रखकर जताएंगे विरोधNPS सब्सक्राइबर्स को बड़ी राहत: अब गंभीर बीमारी में सरेंडर कर सकेंगे एन्युटी पॉलिसी, नियमों में हुआ बदलावExplainer: क्यों बढ़ रहा है टाटा संस पर पब्लिक होने का दबाव? अंदरूनी कलह व RBI के नियमों का पूरा सचDividend Stocks: अगले हफ्ते L&T और Havells समेत ये 18 कंपनियां करेंगी पैसों की बारिश, देखें पूरी लिस्टभारतीयों के लिए दुबई में घर खरीदना होगा आसान, रेजीडेंसी वीजा के लिए प्रॉपर्टी की न्यूनतम कीमत सीमा खत्म

भारत की GDP के 7.2% पर पहुंचने पर PM मोदी ने की तारीफ, वहीं कांग्रेस ने मारा ताना

Advertisement
Last Updated- May 31, 2023 | 9:52 PM IST
PM congratulates the Indian contingent for winning 27 medals at the Asian Athletics Championships

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की 7.2 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर वैश्विक चुनौतियों के बीच इसके लचीलेपन को दर्शाती है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘समग्र आशावाद और आकर्षक वृहद-आर्थिक संकेतकों के साथ यह मजबूत प्रदर्शन, हमारी अर्थव्यवस्था के आशाजनक पथ और हमारे लोगों की दृढ़ता का उदाहरण है।’’

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कृषि, विनिर्माण, खनन और निर्माण क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन से देश की आर्थिक वृद्धि दर बीते वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही में 6.1 प्रतिशत रही। इसके साथ, पूरे वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत पर पहुंच गई। इस वृद्धि के साथ देश की अर्थव्यवस्था 3,300 अरब डॉलर की हो गयी है और उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ साल में 5,000 अरब डॉलर के लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा।

वहीं, कांग्रेस ने कहा कि इन आंकड़ों में वाह-वाह करने लायक कुछ भी नहीं है क्योंकि निवेश एवं उपभोग से संबंधित ढांचागत समस्याएं रहने वाली हैं। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था ‘क्वार्टर से क्वार्टर तक’ जैसी किसी फिल्म की तरह नहीं है। उल्लेखनीय है कि कृषि, विनिर्माण, खनन और निर्माण क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन से देश की आर्थिक वृद्धि दर बीते वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही में 6.1 प्रतिशत रही।

इसके साथ, पूरे वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत पर पहुंच गई। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। इस वृद्धि के साथ देश की अर्थव्यवस्था 3,300 अरब डॉलर की हो गयी है और उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ साल में 5,000 अरब डॉलर के लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा।

जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘अर्थव्यवस्था ‘क्वार्टर से क्वार्टर तक’ (तिमाही से तिमाही तक) नाम की किसी फिल्म की तरह नहीं है। आज के जीडीपी आंकड़ों को लेकर कुछ भी वाह-वाह करने के लिए नहीं है। वे इसे अपने अपने हिसाब से पेश करेंगे, लेकिन निवेश और उपभोग से जुड़े डबल इंजन की गहरी ढांचागत समस्याएं रहने वाली हैं।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘जीडीपी वृद्धि दर की सुर्खी का कोई मतलब नहीं है क्योंकि वास्तविक आंकड़े निजी उपभोग और वार्षिक विनिर्माण सकल मूल्य वर्द्धन (जीवीए) वृद्धि से संबंधित हैं जो चिंता में डालने वाले हैं। चौथी तिमाही में निजी उपभोग 2.8 प्रतिशत रहा तथा वार्षिक जीवीए वृद्धि 11.1 प्रतिशत से गिरकर 1.3 प्रतिशत तक पहुंच गई।’’

रमेश का कहना था, ‘‘हम ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से यह कहते आ रहे हैं कि अमीर और गरीब के बीच खाई बढ़ रही है। यह बात आज के आंकड़ों से सही साबित हुई है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की नीतियों के चलते भारत न तो पर्याप्त उपभोग कर रहा है और न ही उत्पादन कर रहा है।

Advertisement
First Published - May 31, 2023 | 9:52 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement