facebookmetapixel
Advertisement
FCNR(B) जमा बढ़ने से बैंकों की CD पर निर्भरता घटी, जुलाई में 95 हजार करोड़ रुपये जुटाएकांग्रेस ने मुझे रोका नहीं होता तो मैं भारत का मूल सुधारक होता, 1991 के बजट भाषण में मेरे बजट के कई अंश: यशवंत सिन्हासड़क हादसे रोकने के लिए सरकार का बड़ा कदम, नए दोपहिया और चारपहिया वाहनों में V2V सिस्टम होगा जरूरीटैक्स दबाव के बाद आईटीसी में सुधार के संकेत, शेयर 4% चढ़कर पहुंचा ₹292.50छात्र प्रदर्शन मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना रुख किया साफ, गंभीर अपराध छोड़ बाकी छात्रों को मिलेगी राहतउपचुनाव में भाजपा को बड़ा झटका, बांकीपुर में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, दतिया भी नहीं जीत सकी BJPअल-नीनो और कमजोर मॉनसून के बीच पानी पर बढ़ी सियासत, कावेरी से महानदी तक फिर गरमाए राज्यों के विवादक्लोजिंग ऑक्शन से बाजार हैरान, सेंसेक्स 544 अंक चढ़ा तो निफ्टी में 391 अंकों की बढ़तSEZ इकाइयों को बड़ी राहत की तैयारी, घरेलू बाजार में शुल्क छूट पर सामान बेचने की मिल सकती है मंजूरीकम कर्ज और विदेशी मुद्रा प्रवाह से बॉन्ड बाजार मजबूत, आयातकों की डॉलर मांग से रुपया कमजोर पड़ा

मुद्रीकरण योजना पर चल रहा काम

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 1:56 AM IST

केंद्र सरकार 6 लाख करोड़ रुपये मूल्य की परिसंपत्ति के विक्रय की योजना तैयार करने में जुटी है। निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि इस योजना के तहत पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (पीजीसीआईएल) और राष्टï्रीय राजमार्गों सहित अन्य इकाइयों की परिसंपत्तियां बेचकर राजस्व जुटाया जाएगा। 
पांडेय ने कहा, ‘राष्ट्रीय मुद्रीकरण योजना में पावर ग्रिड की पाइपलाइन से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों, टोल ऑपरेट ट्रांसफर (टीओटी) आदि परिसंपत्तियां होंगी।’ भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सालाना सत्र में पांडेय ने कहा कि पीजीसीआईएल का इनविट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है जिससे एक नियामकीय ढांचा तैयार हो गया है। उन्होंने कहा कि इससे कई नियमन एव प्रक्रियाएं तैयार हुई हैं। पांडेय ने कहा कि गेल का दूसरा इनविट भी जल्द आने वाला है और इस पर तेजी से काम चल रहा है। 

रेलवे स्टेशनों के मामले में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के लिए निविदाएं घोषित हो चुकी हैं और हवाईअड्डों के प्रबंधन में भी यह ढांचा सफल रहा है। पांडेय ने कहा, ‘परिसपंत्ति मुद्रीकरण की एक बड़ी योजना पर काम चल रहा है जिसमें निजी क्षेत्र के भाग लेने की भी उम्मीद की जा रही है।’
संभवित कंपनियों की परिसंपतियों के मुद्रीकरण पर लगातार निगाह रखने के लिए एक नियंत्रण पट (डैशबोर्ड) भी तैयार किया है। इस व्यवस्था से निवशकों को भी पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए रखने में मदद मिलेगी। नीति आयोग ने संभावित मौजूदा ढांचागत परिसंपत्तियों की राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएएमपी) योजना को अंतिम रूप दे दिया है और सरकारी विभाग और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को 2.5 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया है। एनएमपी वित्त वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक की चार वर्ष की अवधि के लिए तैयार की गई है। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने खबर दी थी कि अगले पांच वर्षों के लिए केंद्र राष्ट्रीय परिसंपत्ति मुद्रीकरण पाइपलाइन के तहत राज्यों के लिए 3 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य तय कर सकता है।

Advertisement
First Published - August 12, 2021 | 12:13 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement