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भारत का वृद्धि अनुमान बढ़ा

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:03 PM IST

कोविड संबंधी प्रतिबंध खत्म होने और स्थिति सामान्य होने की स्थिति को देखते हुए मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने आज वित्त वर्ष 23 के लिए भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 8.4 प्रतिशत कर दिया है। मूडीज ने इसके पहले 7.9 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया था। बहरहाल इसने चेतावनी दी है कि तेल के उच्च दाम और आपूर्ति में व्यवधान वृद्धि को पीछे खींच सकता है।
वहीं दूसरी तरफ फिच रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 23 के लिए वृद्धि दर का अपना अनुमान 10.3 प्रतिशत बरकरार रखा है, जबकि वित्त वर्ष 22 के लिए 8.4 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया है। मूडीज ने अनुमान लगाया है कि भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 22 में 9.3 प्रतिशत बढ़ेगी, जिसके लिए आधिकारिक आंकड़े सोमवार को जारी किए जाएंगे।  मूडीज ने अपने हाल के वृहद आर्थिक परिदृश्य में कहा है, ‘बुनियादी ढांचे को राजकोषीय बल दिए जाने से भारत की आर्थिक रिकवरी को समेकित करने में मदद मिल सकती है। हमने 2022 कैलेंडर वर्ष में भारत की वृद्धि का अनुमान 7 प्रतिशत से बढ़ाकर 9.5 प्रतिशत कर दिया है और 2023 के लिए 5.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान यथावत रखा है। इसके आधार पर वित्त वर्ष 2022-23 और वित्त वर्ष 2023-24 में वृद्धि दर क्रमश: 8.4 प्रतिशत और 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।’
फिच ने कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था कोविड-19 महामारी से तेजी से उबर रही है और वित्तीय क्षेत्र पर दबाव कम हो रहा है। हालांकि फिच ने चेतावनी दी है, ‘बहरहाल सॉवरिन की बीबीबी ऋणात्मक रेटिंग पर नकारात्मक परिदृश्य मध्यावधि के हिसाब से अनिश्चितता की ओर इशारा कर रहा है। खासकर भारत के सामने राजकोषीय संभावना सीमित है, जिसे देखते हुए ऐसी स्थिति नजर आती है।’रेटिंग एजेंसी ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर का निकट अवधि के हिसाब से वित्तीय प्रदर्शन धीरे धीरे सुधरने की संभावना है। इसने कहा है कि रिकवरी में सुधार के साथ कर्ज में तेज वृद्धि के कारण निजी बैंक आगे बढ़ेंगे।

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First Published - February 24, 2022 | 11:22 PM IST

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