facebookmetapixel
Advertisement
Tata Motors Q1FY27 Results: मुनाफा 83% बढ़कर ₹2,556 करोड़; वाहनों की बिक्री 26% बढ़ीत्योहारी सीजन में अस्थायी नौकरियों की बाढ़, 15-20% तक भर्ती बढ़ने का अनुमानचीनी की मिठास के साथ गुड़ में भी चढ़ा महंगाई का रंग, 60 रुपये किलो के पार पहुंचा भावशेयर बाजार के क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में हेराफेरी नहीं मिली : सेबी चेयरमैनEmbassy REIT को Nifty 500 और Nifty Midcap 150 में जगह, 30 सितंबर से होगा शामिलDebt Mutual Fund: ₹1.88 लाख करोड़ जुटाकर जुलाई में की जोरदार वापसी, क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी?Tata Sons को मिलेगा नया चेयरमैन, जानें कैसे होता है चयन और किसकी होती है अहम भूमिकाRetail Inflation: जुलाई में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.45% पर, खाने-पीने की चीजोंं के दाम में तेजी से बढ़ा दबावNFO Alert: जेरोधा म्युचुअल फंड ने लॉन्च की आर्बिट्रेज स्कीम, ₹1000 से SIP शुरू; किसे लगाना चाहिए पैसा?एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद टूटे टाटा स्टॉक्स, टेक्निकल चार्ट पर किन शेयरों में दिख रही मजबूती?

एफडीआई आवक 2021-22 में रही शीर्ष स्तर पर

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 6:50 PM IST

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने वित्त वर्ष 2021-22 में 83.57 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) हासिल किया जो अब तक किसी भी वित्त वर्ष में सबसे अधिक है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत ने वित्त वर्ष 2021-22 में 83.57 अरब अमेरिकी डॉलर की अब तक सर्वाधिक सालाना एफडीआई आवक दर्ज की। इससे पहले वित्त वर्ष 2020-21 में एफडीआई आवक 81.97 अरब अमेरिकी डॉलर थी। मंत्रालय ने कहा कि भारत विनिर्माण क्षेत्र में विदेशी निवेश के लिए एक पसंदीदा देश के रूप में तेजी से उभर रहा है। विनिर्माण क्षेत्रों में एफडीआई इक्विटी आवक 2020-21 (12.09 अरब डॉलर) की तुलना में 2021-22 में (21.34 अरब डॉलर) 76 प्रतिशत बढ़ी। प्रमुख निवेशक देशों के मामले में सिंगापुर 27 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद अमेरिका (18 प्रतिशत) और मॉरीशस (16 प्रतिशत) का स्थान है।    

Advertisement
First Published - May 21, 2022 | 12:37 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement