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सुधार का सिलसिला, निर्यात बढ़ा

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Last Updated- December 14, 2022 | 11:20 PM IST

कोविड-19 महामारी से परेशान देश की अर्थव्यवस्था को निर्यात के मोर्चे पर राहत मिली है। पिछले छह महीने तक फिसलने के बाद सितंबर में देश से होने वाला निर्यात 5.27 प्रतिशत उछल गया। निर्यात में तेजी सरकार और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए शुरुआती ही सही, लेकर शुभ संकेत मानी जा सकती है। जीएसटी संग्रह, विनिर्माण आंकड़े, वाहनों की बिक्री सभी में कुछ हद तक तेजी आई है, जो आर्थिक गतिविधियों में सुधार के संकेत दे रहे हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में 24 प्रतिशत गिरावट दर्ज होने के बाद ये आंकड़े उत्साह जगाने वाले हैं।
निर्यात में हुए इजाफे में इलेक्ट्रॉनिक एवं इंजीनियरिंग वस्तुओं की अहम भूमिका रही। इनकी बदौलत सितंबर में निर्यात का कुल आंकड़ा 27.40 अरब डॉलर रहा, जो एक वर्ष पहले इसी महीने 26.02 अरब डॉलर रहा था। इस वर्ष फरवरी में निर्यात में 2.9 प्रतिशत तेजी दिखी थी। इन आंकड़ों पर वाणिज्य एवं उद्योग पीयूष गोयल ने ट्विटर पर लिखा, ‘अर्थव्यवस्था में तेज सुधार का एक और संकेत सामने आया है। सितंबर में देश से वस्तु एवं सेवाओं का निर्यात कोविड-19 से पहले के स्तर को भी पार कर गया।’
वास्तविक अर्थों में भी सितंबर में निर्यात का आंकड़ा फरवरी के 27.65 अरब डॉलर के लगभग करीब रहा। कोविड-19 महामारी पर अंकुश लगाने के लिए देश में मार्च के अंतिम सप्ताह में लॉकडाउन की घोषणा हुई थी। गोयल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान ने कोविड-19 महामारी को तगड़ा जवाब दिया है। देश का आयात भी सितंबर में 19.60 प्रतिशत कम होकर 30.31 अरब डॉलर हो गया। वर्ष 2019-20 की समान अवधि में यह आंकड़ा 37.69 अरब डॉलर रहा था। हालांकि सितंबर में आयात में गिरावट की गति मार्च के बाद सबसे कम रही। इस तरह, भारत का व्यापार घाटा सितंबर में कम होकर 2.92 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले तीन महीने का सबसे कम आंकड़ा है। समीक्षा अवधि में गैर-तेल, गैर-स्वर्ण आयात में 13.29 प्रतिशत की कमी आई। इससे पिछले दो महीनों में इनमें करीब 30 प्रतिशत गिरावट आई थी। इन वस्तुओं का आयात देश में औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार का सूचक माना जाता है। हालांकि ये आंकड़े अब भी
शुरुआती संकेत ही हैं और तस्वीर साफ होने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। महंगी वस्तुओं में दवाओं दवा उत्पादों का निर्यात 24.36 प्रतिशत बढ़ा, वहीं इंजीनियरिंग वस्तुओं एवं इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के निर्यात में क्रमश: 3.73 प्रतिशत और 0.04 प्रतिशत तेजी आई। हालांकि रत्न एवं आभूषणों का निर्यात 24.66 प्रतिशत कम हो गया।
कच्चे तेल एवं पेट्रोलियम का आयात 35.92 प्रतिशत कम हो गया, जबकि बिजली एवं गैर-बिजली उपकरणों का आयात 36.76 प्रतिशत कम हो गया। परिवहन उपकरणों का आयात भी 47.08 प्रतिशत कम रहा। पहले छह महीनों के दौरान निर्यात 21.43 प्रतिशत कम होकर 125.06 अरब डॉलर रह गया, जबकि आयात भी 40.06 प्रतिशत कम होकर 148.69 अरब डॉलर रह गया। ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन महेश देसाई ने कहा, ‘सितंबर में निर्यात में तेजी राहत की बात जरूर है, लेकिन वैश्विक महामारी और इसके वैश्विक अर्थव्यवस्था के असर के बीच अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मोर्चे पर चुनौती बनी रहेगी।’

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First Published - October 2, 2020 | 10:55 PM IST

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