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मार्च में 60 प्रतिशत बढ़ा निर्यात

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Last Updated- December 12, 2022 | 5:51 AM IST

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से आज जारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च महीने में भारत का वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 60 प्रतिशत बढ़कर 34.45 अरब डॉलर हो गया। यह वृद्धि निम्न आधार के असर के कारण हुई है, क्योंकि पिछले साल मार्च के अंत में कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए देशबंदी की घोषणा कर दी गई थी।
वहीं पिछले महीने की तुलना में वाणिज्यिक वस्तुओं के निर्यात में वृद्धि 23 प्रतिशत रही है। निर्यत के मूल्य के आधार पर देखें तो यह मार्च 2019 के 32.55 डॉलर के आंकड़ेे को पार कर गया है, जिससे मांग में रिकवरी के संकेत मिलते हैं। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि विदेश माल भेजे जाने में तेजी सामान्यतया साल के अंत होती ही है, जिसमें निर्यातक यह कवायद करते हैं कि उनका सालाना लक्ष्य पूरा हो जाए।
बहरहाल आयात में भी तेज बढ़ोतरी हुई है और मार्च में यह 48.38 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल की तुलना में 54 प्रतिशत ज्यादा है। सोने के आयात में 7 गुना बढ़ोतरी की वजह से ऐसा हुआ है।  परिणामस्वरूप निर्यात में तेज बढ़ोतरी के बावजूद आयात और निर्यात के बीच अंतर यानी व्यापार घाटा मार्च में बढ़कर 13.93 अरब डॉलर हो गया है, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 9.98 अरब डॉलर था। व्यापार घाटे में करीब 40 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।
वित्त वर्ष 2021-21 के अप्रैल से मार्च तक की समूची अवधि में व्यापारिक निर्यातों में 7.26 फीसदी की गिरावट आई और यह पूरे साल के लिए 290.63 अरब डॉलर रहा। इसी तरह से आयात में भी गिरावट आई और यह 18.02 फीसदी गिरकर 389.18 अरब डॉलर का रहा। ऐसा मुख्य तौर पर महामारी के कारण घरेलू विनिर्माण में सुधार होने में हुई देरी के कारण हुआ। पूरे वित्त वर्ष के लिए व्यापार घाटा कम होकर 98.56 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा जो एक वर्ष पहले की समान अवधि में 161.35 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा था।    
इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ‘मार्च 2021 में व्यापारिक निर्यातों और आयातों नजर आई तेजी से मौन आधार, जिंस की कीमत में इजाफा जिससे टीके के बाद के आशावाद का संकेत मिलता है के साथ साथ साल के अंत में मात्र में वृद्घि जैसे कारकों के मिश्रण का पता चलता है। गैर तेल व्यापारिक निर्यात में मार्च 2021 में मार्च 2020 की तुलना में 12 अरब अमेरिकी डॉलर का इजाफा हुआ। इसमें दो तिहाई से अधिक का इजाफा इंजीनियरिंग सामानों, रत्न और आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामानों, औषधि और फार्मास्यूटिकल्स, जैविक और अजैविक रसायनों और लौह अयस्क के कारण हुआ।’ फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन (फियो) अध्यक्ष शरद कुमार सराफ ने कहा, ‘मार्च के निर्यातों में करीब 60.50 फीसदी की आश्चर्यजनक दो अंक की वृद्घि नजर आई जिससे इस क्षेत्र में न केवल और अधिक सुधार होने के आसार बन रहे हैं बल्कि समग्र अर्थव्यवस्था में सुधार आने का संकेत भी इसमें छिपा है।’  
इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल आफ इंडिया (ईईपीसी) के चेयरमैन महेश देसाई ने कहा, ‘तमाम राज्यों ने प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे निश्चित रूप से वस्तुओं की आवाजाही प्रभावित होगी।’

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First Published - April 16, 2021 | 12:07 AM IST

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