facebookmetapixel
Advertisement
क्या महिलाएं ब्रांड देखकर चुनती हैं म्युचुअल फंड? रिपोर्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासेEPFO Portal Down: PF क्लेम अटका, पासबुक नहीं होगी डाउनलोड; जानें कब बहाल होंगी सेवाएंSIP की बेस्ट डेट और फ्रीक्वेंसी कौन-सी? मार्केट गिरने पर क्या करें… WhiteOak MF की रिपोर्ट में मिले जवाबPassport New Rules 2026: 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना पड़ेगा महंगा! जानिए नई फीसIT सेक्टर पर AI का बड़ा असर! Emkay ने बताया किन शेयरों में है दम और कौन रहेगा पीछेChoice Overnight Fund: सुर​क्षित निवेश के साथ रेगुलर इनकम का ऑप्शन, ₹1000 से कर सकते हैं शुरुआतHDFC Bank Credit Card यूजर्स को झटका! SmartBuy Rewards के नियम बदले, अब वाउचर से नहीं मिलेगा पहले जैसा फायदादुनिया में तनाव घटते ही कौन से शेयर खरीदें और किनसे बनाएं दूरी? ग्लोबल ब्रोकरेज की नई स्ट्रैटेजीक्रूड सस्ता होने के बाद किस OMC Stocks में है सबसे ज्यादा दम? ICICI सिक्योरिटीज ने बताए टॉप पिकभारत के बाद अब जापान पर डॉलर की मार! 40 साल में सबसे कमजोर हुआ येन

एक्सपर्ट्स की राय, रिजर्व बैंक का फैसला संतुलित, समझदारी भरा, ग्रोथ को रफ़्तार देने वाला

Advertisement
Last Updated- April 06, 2023 | 5:52 PM IST
Center will get financial strength from RBI's huge dividend, economists said - government will not need much borrowing RBI के भारी लाभांश से मिलेगी केंद्र को वित्तीय ताकत, अर्थशास्त्रियों ने कहा- सरकार को ज्यादा उधारी की नहीं होगी जरूरत

नीतिगत दर पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) का फैसला संतुलित और समझदारी भरा है। विशेषज्ञों ने यह राय जताई है।

उन्होंने कहा कि इससे चालू वित्त वर्ष के दौरान आर्थिक पहलुओं पर केंद्रीय बैंक के आशावाद का पता चलता है। इससे पहले आरबीआई ने मई, 2022 से अपनी सभी मौद्रिक नीति समीक्षा बैठकों में रेपो दर में बढ़ोतरी की थी।

हालांकि, गुरुवार को उसने ठहराव के पक्ष में फैसला किया। इसके साथ ही मुद्रास्फीति और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के मद्देनजर रेपो दर में एक और बढ़ोतरी का अनुमान सही साबित नहीं हुआ। केंद्रीय बैंक मई, 2022 से रेपो दर को ढाई प्रतिशत बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर चुका है।

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘‘रेपो दर में बदलाव न करने के लिए आम सहमति से लिया गया फैसला नीति का आश्चर्यजनक पहलू है। यह फरवरी की नीति के विपरीत इसके नजरिये में आशावाद की उम्मीद जगाता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कुल मिलाकर एक बेहद संतुलित और समझदारी भरा फैसला लिया गया है, जो स्थिरता सुनिश्चित करता है।’’ हाउसिंग डॉट कॉम के समूह मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि आरबीआई का फैसला आमतौर पर रियल एस्टेट उद्योग और विशेष रूप से घर खरीदारों के लिए एक बड़ी राहत है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आरबीआई दर में एक और बढ़ोतरी करता तो ब्याज दरें रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच जातीं, जो आवास क्षेत्र में सकारात्मक भावना को प्रभावित कर सकता था।’’

कमोडिटी पार्टिसिपेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीपीएआई) के अध्यक्ष नरिंदर वाधवा ने उम्मीद जताई कि यह ठहराव लंबा चलेगा। उन्होंने कहा कि आरबीआई के इस फैसले से बाजार खुश है।

Advertisement
First Published - April 6, 2023 | 5:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement