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क्रिसिल, इक्रा ने भारत की वृद्धि दर का अनुमान घटाया

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Last Updated- December 10, 2022 | 11:12 AM IST

रेटिंग एजेंसियों क्रिसिल (Crisil) और इक्रा (ICRA) ने सोमवार को चालू वित्त वर्ष 2022-23 और दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए भारत के वृद्धि दर के अनुमान में संशोधन किया है। वैश्विक वृद्धि के बाधित होने और फसल उत्पादन प्रभावित होने के चलते दोनों रेटिंग एजेंसियों ने वृद्धि का अनुमान कम किया है।

 
क्रिसिल ने वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही के लिए वृद्धि के अनुमान को 0.30 प्रतिशत घटाकर सात प्रतिशत कर दिया, जबकि इक्रा ने इसके 6.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई।
 
क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री धर्मकीर्ति जोशी ने एक टिप्पणी में कहा, ‘हमने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि के अपने अनुमान को 7.3 प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत कर दिया है। ऐसा मुख्य रूप से वैश्विक वृद्धि में मंदी के चलते किया गया, जिससे हमारा निर्यात और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होने लगी हैं।’
 
इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले लगभग आधी है। उन्होंने कहा कि खरीफ उत्पादन के अग्रिम अनुमानों, उच्च ईंधन कीमत और कुछ क्षेत्रों में कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण वृद्धि दर कम रह सकती है।

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First Published - November 21, 2022 | 7:04 PM IST

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