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मांग में हुआ इजाफा तो बर्जर की बढ़त योजना ने पकड़ी रफ्तार

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Last Updated- December 12, 2022 | 7:12 AM IST

मांग में असामान्य बढ़ोतरी देश की दूसरी सबसे बड़ी पेंट निर्माता (डेकोरेटिव सेगमेंट) बर्जर पेंट्स को अपनी बढ़त योजना को रफ्तार देने और विनिर्माण क्षमता में बढ़ोतरी करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। ऐसी असामान्य मांग से कंपनी का वॉल्यूम बढ़ रहा है। बर्जर पेंट्स उत्तर प्रदेश में 700 करोड़ रुपये की लागत से संयंत्र लगाने की प्रक्रिया में है। मौजूदा संयंत्रों में उत्पादन क्षमता के अधिकतम इस्तेमाल के कारण इस संयंत्र को लागू करने के काम में तेजी लाई जा रही है।
बर्जर पेंट्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी अभिजित रॉय ने कहा, मूल रूप से हमने अगले साल अप्रैल में इस संयंत्र को चालू करने की योजना बनाई थी, लेकिन अब हम इसे दिसंबर 2021 में शुरू करने की कोशिश मेंं जुट गए हैं।
रॉय ने कहा, जिस तरह की मांग से हम दो-चार हो रहे हैं, उसका अनुमान कंपनी ने नहीं लगाया था। तीसरी तिमाही में वॉल्यूम की रफ्तार करीब 32 फीसदी रही, ऐसे में निश्चित तौर पर हमारी फैक्टरी में कामकाज बढ़ा और हम इस चरण में अधिकतम उत्पादन क्षमता का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए हमें लगा कि विनिर्माण व विस्तार का चरण जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा, हमारा इरादा अगले साल होने वाली संभावित बढ़त को कवर करने का है। अगले साल एक बार फिर हम ठोस व मजबूत बढ़त की उम्मीद कर रहे हैं।
बर्जर के लिए तीसरी तिमाही प्रदर्शन के लिहाज से सबसे अच्छी तिमाहियों में से एक रही है। सालाना आधार पर राजस्व मे 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई जबकि एबिटा में 40 फीसदी व शुद्ध लाभ में 51 फीसदी की उछाल दर्ज हुई।
रॉय ने कहा, मोटे तौर पर अप्रैल व अक्टूबर को पेंट कंपनियों के लिए मजबूत महीना होता है। लेकिन पिछले साल अप्रैल में लॉकडाउन के कारण कुछ नहीं हो पाया क्योंकि देश में कोविड-19 महामारी फैल चुकी थी।
उन्होंने कहा, दूसरी तिमाही से मांग निकलनी शुरू हुई और तीसरी तिमाही में यह और मजबूत हो गई। मांग में ग्रामीण इलाकों का अहम योगदान रहा। साथ ही असंगठित क्षेत्र से संगठित क्षेत्र की ओर बढऩे से भी बिक्री में मजबूती आई।
रॉय का मानना है कि चौथी तिमाही भी मजबूत रहेगी। उन्होंंने कहा, चौथी तिमाही में बढ़त की रफ्तार तीसरी तिमाही के मुकाबले बेहतर रहेगी। इसके अलावा अगले साल की पहली तिमाही, इस साल की चौथी तिमाही के मुकाबले अच्छी रहेगी।
बर्जर पश्चिम बंगाल में भी संयंत्र लगा रही है, जो राज्य में उसका तीसरा संयंत्र होगा। पानागढ़ में इंडस्ट्रियल पार्क में 20 एकड़ जमीन आवंटित की गई है, जो बिल्डिंग मैटीरियल के लिए है। कंपनी आवश्यक मंजूरी के लिए आवेदन कर रही है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। संयंत्र का परिचालन एक साल बाद (2022-23) में होगा।
पिछले कुछ वर्षों में पेंट उद्योग में नई व संपन्न कंपनियों मसलन जेएसडब्ल्यू ने प्रवेश किया है और हाल में ग्रासिम ने इसमें दस्तक दी है। रॉय ने हालांकि कहा कि कंपनी अपने उपभोक्ताओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंंने कहा, अंतत: अगर हम उन्हें सही कीमत पर सेवा देने में सक्षम होंगे तो हम लड़ाई जीत लेंगे। उन्होंंने यह भी कहा कि पहले भी संपन्न कंपनियां इस क्षेत्र में प्रवेश करती रही हैं, लेकिन बर्जर की बाजार हिस्सेदारी पर उशका असर नहीं पड़ा।
कीमत बढ़ोतरी पर रॉय ने कहा कि कच्चे माल की दरें बढ़ी और बर्जर ने इंडस्ट्रियल सेगमेंट में कीमतें 5 से 9 फीसदी बढ़ाई। डेकोरेटिव सेगमेंट में हालांकि कंपनी कीमत तभी बढ़ाएगी जब कच्चे माल की दरों में इजाफा होगा।

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First Published - March 10, 2021 | 11:53 PM IST

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