आदित्य बिड़ला समूह और वोडाफोन गु्रप यूके ने वोडाफोन आइडिया (वीआई) में 4,500 करोड़ रुपये लगाने की तैयारी की है, क्योंकि वे संघर्ष कर रही दूरसंचार कंपनी का कायाकल्प करने की कोशिश कर रहे हैं। वीआईएल के बोर्ड ने आज तरजीही आधार पर प्रवर्तक समूह इकाइयों को 338 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर जारी करने के लिए मंजूरी प्रदान की। ये शेयर 13.30 रुपये की कीमत पर जारी किए जाएंगे, जो गुरुवार को 11.08 रुपये के बंद भाव के मुकाबले 20 प्रतिशत ज्यादा है।
इसके अलावा, बोर्ड ने इक्विटी शेयरों या डेट योजनाओं के जरिये 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। कंपनी इन प्रस्तावों पर 26 मार्च को शेयरधारकों से मंजूरी हासिल करेगी।
मौजूदा समय में वोडाफोन समूह और बिड़ला समूह की वीआई में 44.3 प्रतिशत और 27.7 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
कोष उगाही की घोषणा वोडाफोन समूह द्वारा टावर कंपनी इंडस टावर्स से निकलने के फैसले के एक सप्ताह बाद की गई है। ब्रिटेन में मुख्यालय वाली इस कंपनी ने 7.1 प्रतिशत हिस्सेदारी पहले ही बेच दी है और वह शेष 21 प्रतिशत हिस्सा बेचने के लिए निवेशक तलाश रही है।
वीआई में ताजा पूंजी निवेश से इंडस टावर्स का बकाया निपटाने में मदद मिलेगी।
वर्ष 2019 में 25,000 करोड़ रुपये के राइट इश्यू के बाद कंपनी में यह पहला पूंजी निवेश है और इससे प्रवर्तक द्वारा व्यवसाय के लिए प्रतिबद्घता का संकेत मिलता है। हालांकि वोडाफोन गु्रप ने शुरू में कहा था कि वह भारत में अब और निवेश नहीं करेगा, लेकिन बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने भी हिस्सेदारी सरकार या किसी अन्य वित्तीय इकाई को देने संकेत दिया था।
वीआई को सरकार द्वारा दूरसंचार सुधार पैकेज को मंजूरी दिए जाने से पिछले साल सितंबर में राहत मिली थी। इससे स्पेक्ट्रम और बकाया सकल राजस्व को लेकर चार रियायतें मिली थीं।
जनवरी में कंपनी ने आस्थगित स्पेक्ट्रम पर ब्याज के कन्वर्जन और बकाया एजीआर को इक्विटी में तब्दील किए जाने का विकल्प चुना था। वीआई के अनुमान के अनुसार, करीब 16,000 करोड़ रुपये की शुद्घ मौजूदा वैल्यू के साथ ब्याज को इक्विटी में तब्दील किए जाने से सरकार की 35.8 प्रतिशत हिस्सेदारी कंपनी में जाएगी। यह प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है।
चार वर्ष की भुगतान संबंधित रोक वीआई को करीब 60,000 करोड़ रुपये बचाने में सक्षम बनाएगी।