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कच्चे माल की कमी से टीका उत्पादन पर असर!

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Last Updated- December 12, 2022 | 7:22 AM IST

कच्चे माल के अभाव में कोविशील्ड टीके का उत्पादन बढ़ाने की योजना खटाई में पड़ सकती है। कोविड-19 से बचाव के लिए एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफ र्ड ने कोविशील्ड टीका तैयार किया है और भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) इसका उत्पादन कर रही है। उत्पादन के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी टीका उत्पादक कंपनी सीरम हर महीने 67 से 70 लाख खुराक तैयार कर रही है। सीरम ने कहा कि कच्चे माल की कमी से मौजूदा उत्पादन पर असर तो नहीं पड़ेगा, लेकिन इसकी तादाद बढ़ाने की योजना जरूर खटाई में पड़ सकती है।
 इस बारे में कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘कोविशील्ड तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले सामान की कमी है, लेकिन इससे मौजूदा उत्पादन पर असर नहींं पड़ेगा। हालांकि भविष्य में उत्पादन बढ़ाने की नौबत आई तो इसमें बाधा आ सकती है।’
अगले एक से दो महीनों में पुणे में कोविशील्ड टीके की खुराक बढ़ाकर प्रति महीने 1 करोड़ करने की योजना है। सीरम ने अपने संयंत्र में नोवावैक्स टीका बनाना शुरू  नहीं किया है, लेकिन उत्पादन जल्द ही शुरू होगा। इस टीका का परीक्षण भारतीय नागरिकों पर करने की अनुमति कंपनी को मिल गई है। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा कि नोवावैक्स का उत्पादन शुरू होने पर पुणे में उत्पादन लक्ष्य बढ़ाकर प्रति महीने 45 से 50 लाख खुराक कर दिया जाएगा।
अगली तिमाही तक नोवावैक्स और कोविशील्ड उत्पादन की क्षमता बढ़कर प्रति महीने 14-15 करोड़ हो जाएगी। हालांकि यह तभी होगा जब कच्चे माल की आपूर्ति ठप नहीं होगी।
एसआईआई ने इन दोनों टीकों की आपूर्ति के लिए भारत सरकार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की अगुवाई वाले कोवैक्स और अन्य देशों एवं संगठनों के साथ समझौता कर रखा है। कंपनी राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के लिए भारत सरकार को अब तक कोविशील्ड की 5 से 6 करोड़ खुराक की आपूर्ति कर चुकी है। इसने दुनिया में 51 देशों को 9 करोड़ टीकों की आपूर्ति कर चुकी है। भारत में इस समय रोजाना करीब 10 लाख लोगों को टीका लगाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने 60 करोड़ सिरिंजों के ऑर्डर भी दिए हैं, जिनकी आपूर्ति सितंबर तक होगी। इस वर्ष 30 करोड़ लोगों को टीका लगाए जाने का लक्ष्य है। अकेले एसआईआई ही 20 से 30 करोड़ खुराक की आपूर्ति करेगी। हालांकि इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इसके अलावा सीरम गावी-कोवैक्स को भी 20 करोड़ खुराक की आपूर्ति करेगी। सीरम ने 2021 तक सालाना 2.3 अरब खुराक तैयार करने की योजना बनाई है। टीका बनाने में काम आने वाले रसायनों की आपूर्ति में बाधा इस लक्ष्य के आड़े आ सकती है। पिछले सप्ताह एसआईआई के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा था कि कच्चे माल की आपूर्ति में अमेरिकी कानून बाधक बन रहा हैऔर इससे टीका उत्पादन पर गंभीर असर हो सकता है।

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First Published - March 7, 2021 | 11:00 PM IST

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