रियल्टी कंपनी यूनिटेक अपनी परिसंपत्तियों को बेचकर जून के अंत तक कर्ज के बोझ को कुछ कम करने की योजना बना रही है।
31 मार्च 2008 तक कंपनी पर करीब 10,465 करोड़ रुपये का कर्ज था। हालांकि पिछले वित्त वर्ष में बैंकों और म्युचुअल फंड कंपनियों के साथ कर्ज का पुनर्गठन और कुछ रकम का भुगतान करने के बाद अब कंपनी पर करीब 8,000 करोड़ रुपये का कर्ज है।
सूत्रों का कहना है कि कंपनी अगले 2 से 3 महीनों में कर्ज की इस रकम को कम कर 7,000 करोड़ रुपये तक लाने की योजना बना रही है। सूत्रों का कहना है कि कंपनी परिवर्तनीय उपगमों के जरिए करीब 500 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के प्रवक्ता ने फंड की व्यवस्था करने की योजना का खुलासा करने से इनकार कर दिया।
सूत्रों का कहना है कि कंपनी चालू वित्त वर्ष में परिसंपत्तियों की बिक्री और अन्य स्रोतों से 1700 करोड़ रुपये जुटाने की योजना भी बना रही है। कंपनी दिल्ली के साकेत ऑफिस कॉम्प्लेक्स को भी बेचने की योजना बना रही है। इससे उसे 500 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही कंपनी कुछ अस्पताल और स्कूल प्लाटों की भी बिक्री कर सकती है।
हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी के लिए परिसंपत्तियों को बेचकर पैसे की व्यवस्था करना आसान नहीं होगा। सिटीगु्रप के विश्लेषक ने हाल के रिपोर्ट में कहा था कि यूनिटेक ने दूरसंचार कंपनी में अपनी हिस्सेदारी और गुड़गांव होटल को बेचने में सफलता प्राप्त की है, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए अब परिसंपत्तियों की बिक्री करना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है।
संचुरियन ब्रोकिंग के इक्विटी विश्लेषक रूपेश सांखे का कहना है कि कंपनी को मौजूदा परियोजनाओं के लिए भी नकदी की व्यवस्था करने में परेशानी आ सकती है, लेकिन कंपनी कर्जदारों से धन की व्यवस्था कर लेगी।
सूत्रों के मुताबिक, यूनिटेक को दूरसंचार कंपनी में हिस्सेदारी बेचकर 380 करोड़ रुपये मिले हैं, जिसका इस्तेमाल वह म्युचुअल फंड कंपनियों के कर्ज भुगतान में कर सकती है। इसके साथ ही कंपनी गुड़गांव के होटल को 235 करोड़ रुपये में बेचा है, जिसका 45 फीसदी रकम कंपनी को पहले ही मिल चुकी है।
गौरतलब है कि कंपनी को 31 मार्च 2009 तक बैंकों और म्युचुअल फंड कंपनियों को करीब 2,500 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। कंपनी के एक अधिकारी का कहना है कि दूरसंचार कंपनी में हिस्सेदारी बेचने से मिले 380 करोड़ रुपये का उपयोग म्युचुअल फंड कंपनियों के कर्ज भुगतान में किया जा सकता है।
जून तक 1000 करोड़ रुपये के कर्ज चुकाने की बना रही है योजना
दिल्ली के साकेत स्थित ऑफिस कॉम्प्लेक्स को भी बेचने की तैयारी