धोखाधड़ी के मामले में फंसे सत्यम के संस्थापक बी रामलिंग राजू और उनके सहयोगियों पर सत्यम के पैसे से जमीन खरीदने के आरोप पहले से ही लग रहे थे।
लेकिन इस मामले की जांच में सामने आ रहे तथ्यों से यह बात साबित भी हो रही है। सीआईडी के सरकारी वकील अजय कुमार ने बताया कि एसआरएसआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के महाप्रबंधक गोपालकृष्णन के बयान से इस बात की पुष्टि हुई है।
एसआरएसआर होल्डिंग रामलिंग राजू के भाई सूर्यानारायण राजू की कंपनी है। इस कंपनी में सत्यम के प्रवर्तकों ने शेयर हस्तांतरित किए थे। सीआईडी ने गोपालकृष्णन को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
हालांकि उन्हें अभी तक न्यायालय में पेश नहीं किया गया है। छठे अतिरिक्त मेट्रोपोलिटीन न्यायाधीश के सामने बी रामा राजू की जमानत याचिका के खिलाफ अजय ने दलील दी कि पूछताछ में गोपालकृष्णन ने राजू भाइयों द्वारा जमीन खरीदने की बात के संकेत दिए हैं।
सत्यम का कॉर्पोरेट बैंक समझे जाने वाले बीएनपी परिबा ने जांच अधिकारियों को जानकारी दी कि बीएनपी में कंपनी के सावधि जमा (एफडी) अस्तित्व में नहीं है।
बैंक ने बताया कि उसके पास कंपनी का कोई एफडी अकाउंट नहीं है और बैंक ने सत्यम के साथ 31 मार्च 2004 के बाद कोई भी कारोबार नहीं किया है।
सरकारी वकील ने कहा कि सत्यम मामला गंभीर धोखाधड़ी का परिणाम है। इसीलिए इस मामले से जुड़े किसी भी अधिकारी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि अगर उन्हें जमानत दी गई तो वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं।
अजय ने कहा, ‘यह मामला गंभीर आपराधिक विश्वासघात और निवेशकों से की गई धोखाधड़ी का है। अगर सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई तो पुलिस के लिए जांच करना काफी मुश्किल हो जाएगा।’
सरकारी वकील ने कहा कि आरोपियों ने खुद अपराध स्वीकार किए हैं। सभी आरोपी काफी प्रभावशाली व्यक्ति हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।
बचाव वकील पद्मनाभा रेड्डी ने रामा राजू का बचाव करते हुए कहा कि आरोपियों को पुलिस हिरासत में रखने का कोई ठोस आधार ही नहीं है।
जमानत के बाद भी आरोपी पुलिस के साथ जांच में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा, ‘राजू का पासपोर्ट पुलिस के पास है इसीलिए उनके विदेश भागने की भी कोई संभावना नहीं है।’