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डीएलएफ की दो और परियोजनाएं अधर में

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Last Updated- December 10, 2022 | 12:55 AM IST

धन की जबरदस्त किल्लत और खरीदारों की बेरुखी से जूझ रही देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ ने दो बड़ी परियोजनाओं का काम रोक दिया है।
डीएलएफ ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब उसकी अधिकांश परियोजनाएं कम से कम तीन महीने की देरी से चल रही हैं। दोनों ही परियोजनाएं मध्य आय वर्ग को ध्यान में रखते हुए विकसित की जा रही थी।
दोनों परियोजनाएं हरियाणा के गुड़गांव सेक्टर-90 में डीएलएफ न्यू टाउन हाइट्स और मानेसर सेक्टर एम-1 में एक्सप्रेस ग्रीन्स में तैयार की जा रही थी। इनमें से पहली जहां पिछले साल जनवरी में, वहीं दूसरी अगस्त में लॉन्च हुई थी।
नोमुरा फाइनैंशियल एडवाइजरी ऐंड सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि न्यू टाउन हाइट्स प्रोजेक्ट्स में साल भर बाद भी केवल कुछ बुनियादी कामकाज ही हो पाया है। एक्सप्रेस ग्रीन्स प्रोजेक्ट्स में बिल बोर्ड्स और बाउंड्री का ही काम हुआ है।
हालांकि सूत्रों के मुताबिक, कंपनी न्यू टाउन हाइट्स के ज्यादातर अपार्टमेंट्स कुछ महीने पहले ही बेच चुकी है। उसने 3 बीएचके (बेडरूम-हॉल-किचन) और 4 बीएचके वाले फ्लैट क्रमश: 2,125 रुपये और 2,505 रुपये प्रति वर्गफीट के हिसाब से बेचा।
इस बाबत पूछने पर कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। डीएलएफ की तीसरी तिमाही का मुनाफा 69 फीसदी गिरकर 670.79 करोड़ रुपये रह गया। एक जानकार ने बताया कि सारे बड़े डेवलपरों ने अपने भविष्य की कमाई जमीन खरीदने में लगा दी।
अब इनके पास इतना पैसा नहीं बचा कि वे बिक चुकी परियोजनाओं को भी तैयार कर सकें। कंपनी के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यदि लॉन्च से तीन साल के भीतर डीएलएफ लोगों को उनका फ्लैट उपलब्ध कराने में नाकाम रही, तो इसके एवज में उसे हर्जाना देना होगा।
इस बीच कंपनी का कर्ज तीसरी तिमाही में 1,500 करोड़ रुपये बढ़कर 14,800 करोड़ रुपये  हो गया। याद रहे कि कंपनी ने कुछ समय पहले मध्य आय वर्ग के लिए पंचकूला, गुड़गांव, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई में हाउसिंग प्रोजेक्ट्स तैयार करने की घोषण की थी। कंपनी बेची जा चुकी परियोजनाओं का काम शुरू न कर पाई तो बाकी की परियोजनाएं लटक जाएंगी।

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First Published - February 12, 2009 | 11:45 PM IST

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