मंदी के चलते भारतीय आईटी उद्योग की विकास दर वित्त वर्ष 2008-09 में 9 फीसदी रहने का अनुमान है।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आईटी क्षेत्र का हिस्सा भारत के जीडीपी का 3.5 से 4 फीसदी रहा है और पिछले तीन साल में मार्च 2008 तक इसने 25 फीसदी की औसत विकास दर दर्ज की है।
इसीलिए आईटी क्षेत्र की विकास दर में गिरावट की एक वजह वित्तीय वर्ष 2009 में भारतीय अर्थव्यवस्था में हुई गिरावट को माना जा रहा है। केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) ने अपने पूर्वानुमान में कहा था कि वर्ष 2008-09 में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.1 फीसदी की दर से वृद्धि करेगी, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 9 फीसदी थी।
हालांकि इस अनुमान को अर्थशास्त्री आशावादी करार चुके थे और हुआ भी कुछ ऐसा ही। एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत की विकास दर दिसंबर 2008 को समाप्त हुई तिमाही में 5.3 फीसदी रही। सितंबर 2008 को समाप्त हुई पहली छमाही में यह विकास दर 7.8 फीसदी रही।
जनवरी 2009 में जब पूर्वानुमान लगाया जा रहा था, तो अलग-अलग क्षेत्रों के योगदान को शामिल नहीं किया गया था। यह इस महीने के अंत तक शामिल किया जाएगा। सांख्यिकीय मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘हालांकि आईटी क्षेत्र का हिस्सा हमारी जीडीपी में बहुत कम है, लेकिन इसकी विकास दर कृषि क्षेत्र के लगभग बराबर है।’