टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के निदेशक मंंडल ने मंगलवार को एयर इंडिया के अधिग्रहण और इस अधिग्रहण के लिए 18,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना पर चर्चा की। एयर इंडिया के अधिग्रहण की खातिर कंपनी बैंकों से 15,000 करोड़ रुपये कर्ज लेगी।
निदेशक मंडल ने इसके अलावा समूह की विमानन कंपनियों का एयर इंडिया के साथ एकीकृत करने की योजना पर भी चर्चा की। टाटा एसआईए एयरलाइंस में टाटा समूह की 51 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि लो कॉस्ट एयरलाइन एयरएशिया इंडिया में उसकी हिस्सेदारी 83 फीसदी है।
इससे पहले शेयरधारकों ने एयर इंडिया के अधिग्रहण और टाटान्यू ऐप शुरू करने की खातिर 40,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी दी थी।
निदेशक मंडल की बैठक के बारे में टाटा संस ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की। एक बैंकर ने कहा, हमें एयर इंडिया के अधिग्रहण के लिए टाटा संंस के कर्ज प्रस्ताव का इंतजार है। चूंकि कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत है और क्रेडिट रेटिंग अच्छी है, ऐसे में सस्ती दरों पर कर्ज जुटाने में उसे किसी तरह की समस्या नहीं होगी। अधिकारी ने कहा, कंपनी इसके अलावा बाह्य वाणिज्यिक उधारी के जरिए भी रकम जुटाने पर विचार करेगी।
31 अगस्त, 2021 को टाटा संस का शुद्ध कर्ज 25,396 करोड़ रुपये था और कंपनी की नकदी की स्थिति को 31 मार्च, 2021 को उसके नकद शेष और लिक्विड निवेश 2,718 करोड़ रुपये का समर्थन है।