मंदी की चपेट में आई टाटा मोटर्स की नजर भी कमाई के लिए पुरानी यानी ‘सेकंड हैंड कार’ के बाजार पर टिक गई है। टाटा मोटर्स ने भी इसी बाजार में रफ्तार भरने का फैसला किया है।
कंपनी अपनी पुरानी कारों की बिक्री के लिए आउटलेट खोल रही है। टाटा मोटर्स ने देश भर में 10 बड़े शहरों में ‘टाटा मोटर्स ऐश्योर्ड’ नाम के आउटलेट शुरू किए हैं।
फिलहा ऐसे 15 आउटलेट खोले गए हैं, जो मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद, चंडीगढ़, लुधियाना और वापी में हैं।
कंपनी के यात्री कार कारोबार के उपाध्यक्ष (कॉमर्शियल) एस कृष्णन ने बताया, ‘दरअसल इसे उन ग्राहकों के लिए शुरू किया गया है, जो अपनी मौजूदा कार को बेचकर नई कार खरीदना चाहते हैं।
इसके साथ ही इसमें टाटा की ऐसी पुरानी कारें भी मौजूद होंगी, जिन्हें कंपनी की जांच के बाद बेचा जाएगा। इन पर एक साल या 20,000 किलोमीटर तक की वारंटी और तीन फ्री सर्विस भी दी जाएंगी।’
भारत में पुरानी कारों का बाजार अभी शुरुआती दौर में ही है और इसमें आम तौर पर असंगठित डीलरों का बोलबाला है। लेकिन टाटा मोटर्स को कुछ स्थापित खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर मिलना तय है। मारुति सुजुकी, हुंडई मोटर, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा और जनरल मोटर्स पहले से ही इस बाजार में हैं।
मारुति की ‘ट्रू वैल्यू’, हुंडई की ‘हुंडई एक्सचेंज’, महिंद्रा की ‘फर्स्ट च्वायस’ और जनरल मोटर्स की ‘शेव्रले ओके’ पहले से ही ग्राहकों के बीच जगह बना चुकी हैं। टोयोटा भी दिल्ली में ‘यू ट्रस्ट’ नाम से ऐसे आउटलेट खोल चुकी है।
कंपनी के मुताबिक टाटा मोटर्स ऐश्योर्ड में कारें 5 साल से कम पुरानी होंगी। वे कभी दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुई होंगी और उन्हें दो से ज्यादा लोगों ने नहीं चलाया होगा। इन आउटलेट में कंपनी की सभी कारें और यूटिलिटी व्हीकल बेचे जाएंगे।
माल पुराना, पारी नई
कंपनी उतर रही है सेकंड हैंड कार बाजार में
फिलहाल 10 शहरों में टाटा मोटर्स एश्योर्ड
इंडिका से लेकर यूटिलिटी व्हीकल्स तक मौजूद
मारुति, हुंडई, महिंद्रा और जीएम से कड़ी चुनौती