एक अनोखी परियोजना के तहत सिस्का एलईडी ग्रामीण इलाकों में 10 रुपये प्रति पीस की दर से बल्ब देगी, जिसका आंशिक भुगतान कार्बन क्रेडिट के माध्यम से होगा। कनवर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) की ग्राम उजाला योजना के तहत राजस्व साझा के आधार पर सह-निवेश के लिए बोलीकर्ताओं को आमंत्रित किया गया था। इसके तहत लागत और मुनाफे को सीईएसएल के साथ साझा किया जाएगा।
सीईएसएल के एक बयान के मुताबिक, ‘इस टेंडर में सीईएसएल द्वारा नियत मूल्य की पेशकश के माध्यम से सिस्का के घाटे की भरपाई होगी। वहीं कार्बन क्रेडिट दोनों पक्षों के बीच समान अनुपात में साझा होगा।’
सीईएलएल, ईईएसएल लिमिटेड की 100 प्रतिशत सहायक इकाई है, जो एनर्जी सॉल्यूशंस पर केंद्रित रहती है और इसमें अक्षय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और जलवायु परिवर्तन शामिल है। ग्राम उजाला योजना इस साल बिजली मंत्रालय ने पेश की थी, जिसके तहत ग्रामीण इलाकों में 10 रुपये में एक बल्ब बगैर किसी सब्सिडी समर्थन के दिया जाएगा और इसका वित्तपोषण पूरी तरह कार्बन क्रेडिट के माध्मय से होना है।
सीईएसएल की एमडी और सीईओ महुआ आचार्य ने कहा, ‘हम इस ढांचे में शामिल हिस्सेदारों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया से बहुत खुश हैं, जिससे सार्वजनिक व निजी कंपनी के बीच टिकाऊ साझेदारी का भरोसा बनता है। खुले टेंडर के माध्यम से सिस्का ने बोली हासिल की है। मुझे उम्मीद है कि और भी निजी कारोबारी इसमें हिस्सा लेंगे और सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे, जिससे जलवायु परिवर्तन के असर को कम करने के साझा उद्देश्य को पूरा किया जा सके।’
सिस्का 12 वाट के 70 लाख लैंप और 7 वाट के 30 लाख लैंप खरीदेगी। सिस्का और सीईएसएल इसमें आधी आधी लागत साझा करेंगी और कार्बन क्रेडिट की बिक्री से राजस्व आएगा।