रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएं (एफएमसीजी) बनाने वाली कंपनियां चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर 2021 की अवधि में दमदार राजस्व वृद्धि दर्ज कर सकती हैं। इस दौरान जिंस कीमतों में तेजी से निपटने के लिए की गई मूल्य वृद्धि से राजस्व को ताकत मिल सकती है। हालांकि एक साल पहले के उच्च आधार और हाल के महीनों में कमजोर ग्रामीण मांग के कारण मात्रात्मक बिक्री पर दबाव दिख सकता है। तिमाही के दौरान शहरी मांग में सुधार दिखने के आसार हैं।
ग्रामीण मांग दूसरी तिमाही के अंत में प्रभावित हुई थी और वह तीसरी तिमाही तक बरकरार रही। ब्रोकरेज फिलिपकैपिटल ने भी सर्दियों में देरी का हवाला दिया है जिससे स्किनकेयर और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले उत्पादों की मांग प्रभावित हुई।
इलारा कैपिटल ने तीसरी तिमाही में इस क्षेत्र की आय संबंधी अपने पूर्व समीक्षा में कहा, ‘दूसरी तिमाही के आखिर से ग्रामीण में सुस्ती दिखने लगी और यह सुस्ती लगातार बरकरार रही। ऐसा मुख्य तौर पर अधिक बेस इफेक्ट और अधिक इनपुट लागत से निपटने के लिए औसत विक्रय मूल्य में भारी वृद्धि के कारण हुआ।’ ब्रोकरेज ने यह भी कहा है कि तिमाही के दौरान शहरी मांग ग्रामीण मांग के मुकाबले बेहतर रही जिसे मोबिलिटी में सुधार, संगठित स्टोरों के परिचालन में सुधार और ई-कॉमर्स की रफ्तार बरकरार रहने से बल मिला। घरेलू ब्रोकरेज आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने अपनी पूर्व समीक्षा रिपोर्ट में कहा है कि एफएमसीजी कंपनियों ने पिछले छह महीनों के दौरान जिंस कीमतों में तेजी के कारण बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों के कंधों पर डालने के लिए कीमतों में 5 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी की है। ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि अर्थव्यवस्था के खुलने और मोबिलिटी में सुधार के कारण तिमाही के दौरान घर से बाहर की खपत में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
फिलिपकैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘हम वनस्पति तेल बास्केट में महंगाई के दबाव और डाउनट्रेडिंग में वृद्धि के कारण सालाना आधार पर सकल मुनाफे पर दबाव बरकरार रहने की उम्मीद करते हैं।’ उसने कहा कि मूल्य निर्धारण के मोर्चे पर पहल किए जाने के कारण अधिकतर कंपनियों के सकल मार्जिन में धीरे-धीरे सुधार होने के आसार हैं। मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज का मानना है कि हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) की घरेलू मात्रात्मक बिक्री में महज 2 फीसदी की वृद्धि दिखेगी जबकि सकल मार्जिन में पिछले साल के मुकाबले 130 आधार अंकों का संकुचन दिखेगा।
एलारा कैपिटल ने कहा है कि एचयूएल, नेस्ले इंडिया, मैरिको और ज्योति लैबोरेटरीज औसत राजस्व वृद्धि से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आतिथ्य सेवा एवं पेपरबोर्ड कारोबार में सुधार के बल पर आईटीसी सालाना आधार पर 6.7 फीसदी की राजस्व वृद्धि दर्ज कर सकती है। उसने यह भी कहा कि कंपनी के सिगरेट कारोबार में 5 फीसदी की मात्रात्मक वृद्धि दिखने की उम्मीद है।
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और मैरिको भी बिक्री में अधिक वृद्धि दर्ज कर सकती हैं लेकिन मात्रात्मक बिक्री के मोर्चे पर उन्हें दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज ने कहा कि कोलगेट पामोलिव इंडिया की मात्रात्मक बिक्री में 1 फीसदी की मामूली वृद्धि दिख सकती है लेकिन कच्चे माल की ऊंची लागत के कारण सकल मार्जिन के मोर्चे पर उसे अन्य कंपनियों की तरह झटका लग सकता है।