भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की Starlink की योजना फिलहाल अटक गई है। सरकार ने कंपनी के निवेश प्रस्ताव पर सावधानी भरा रुख अपनाया है। The Economic Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवालों के चलते इस प्रस्ताव को अभी मंजूरी नहीं मिली है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी की एफडीआई यानी विदेशी निवेश की अर्जी फिलहाल रोक दी गई है। अगर Starlink सरकार की ओर से उठाए गए सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाती है, तो इस प्रस्ताव को खारिज भी किया जा सकता है।
सरकारी एजेंसियों ने खास तौर पर Starlink की पैरेंट कंपनी SpaceX के साथ जुड़े क्रॉस-होल्डिंग स्ट्रक्चर और कुछ तकनीकी पहलुओं पर चिंता जताई है। इसके अलावा, कंपनी को अभी एक अहम सुरक्षा मंजूरी का भी इंतजार है।
सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि Starlink की सेवाओं का गलत इस्तेमाल न हो, खासकर संवेदनशील हालात जैसे युद्ध या किसी बड़े संकट के दौरान। इसी वजह से नेटवर्क की गहन जांच और परीक्षण पर जोर दिया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार के भीतर इस बात को लेकर चिंता बढ़ रही है कि ऐसी सैटेलाइट सेवाएं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से जोखिम पैदा कर सकती हैं। इसलिए कोई भी फैसला लेने से पहले सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।