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डॉ. रेड्डीज के शेयर पर स्पूतनिक-वी का दबाव

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Last Updated- December 12, 2022 | 5:53 AM IST

स्पूतनिक-वी के मूल्य निर्धारण, अंतरराष्ट्रीय बिक्री और कड़ी प्रतिस्पर्धा की चिंताओं के संबंध में स्पष्टता की कमी के मद्देनजर डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज का स्टॉक चार प्रतिशत से ज्याद नीचे का गया है। हालांकि आपातकालीन इस्तेमाल का अधिकार और शुरुआती खरीद सकारात्मक हैं, लेकिन कुल लाभ के संबंध में डॉ. रेड्डीज दोराहे पर है, जिसके पास भारत में पहले 25 करोड़ टीकों के वितरण अधिकार है।
हालांकि सिटी रिसर्च के विश्लेषकों का मानना है कि स्पूतनिक-वी टीका किसी आशावादी परिदृश्य में 20 करोड़ डॉलर का परिचालन लाभ अर्जित कर सकता है, लेकिन अगर भारत में पूरी 25 करोड़ खुराकों की खरीद नहीं की जाती है अथवा दाम कम रहते हैं, तो लाभ में कमी हो सकती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए कि इस उत्पाद को व्यावसायिक बनाने में समय लगेगा, डॉ. रेड्डीज शुरुआत आवश्यकता के लिए आयात करेगी। इसी तरह मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि आपूर्ति, मूल्य निर्धारण और मार्जिन के संबंध में सीमित लचीलेपन का मतलब आर्थिक स्तर पर कमजोर शुरुआत हो सकता है। बढ़ता प्रतिस्पर्धी दबाव एक अन्य नकारात्मक बात है, क्योंकि सरकार ने मंगलवार को विदेश में निर्मित कोविड टीकों को आपातकालीन इस्तेमाल के अधिकार की मांग से पहले स्थानीय अध्ययन करने से छूट प्रदान कर दी है।
सरकार के इस फैसले से पहले कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के कुमार गौरव ने इस बात का संकेत दिया था कि नोवावैक्स, जाइडस और जॉनसन ऐंड जॉनसन के जैनसेन को संभावित रूप से अगस्त/सितंबर तक मंजूरी मिल जाने से अन्य टीकों के साथ प्रतिस्पर्धा में खासा इजाफा हो जाएगा। नए नियमों को देखते हुए मॉडेर्ना और फाइजर-बायोएनटेक भी मंजूरी के लिए आवेदन कर सकती हैं तथा डॉ. रेड्डीज के लिए प्रतिस्पर्धा अगस्त/सितंबर की अवधि की तुलना में काफी पहले शुरू हो सकती है, जिसके लिए राह तैयार की जा रही है।
हालांकि विश्लेषकों ने स्पूतनिक-वी से निश्चित राजस्व का अनुमान लगाया है, लेकिन निजी बाजार के लिए मूल्य निर्धारण और आपूर्ति लाभप्रदता में महत्त्वपूर्ण रहते है। मोतीलाल ओसवाल (एमओएसएल) रिसर्च के विश्लेषकों का मानना है कि जहां एक ओर कोविड के टीकों के लिए मूल्य निर्धारण की अधिकतम सीमा तय रहती है और वितरण भी सरकार द्वारा नियंत्रित किया जाता है, वहीं दूसरी ओर निजी बाजार के लिए टीका वितरण की शुरुआत करने से बेहतर मूल्य निर्धारण और मार्जिन हो सकता है। मौजूदा कीमत प्रति खुराक दो डॉलर (150 रुपये) के हिसाब से उनका अनुमान है कि अनुबंध की इस अवधि के दौरान 30 करोड़ डॉलर की बिक्री होने की संभावना है।

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First Published - April 15, 2021 | 12:06 AM IST

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