facebookmetapixel
Advertisement
₹1.4 लाख तक गिरेगा सोना, ₹2 लाख का लेवल दिखा सकती है चांदी; निवेशक खरीदें या करें इंतजार?SIP Trend: FY26 में ₹3.40 लाख करोड़ का निवेश; यूपी-हरियाणा-हिमाचल अव्वल, दिल्ली-मुंबई पिछड़ेOrchid Pharma Share Price: रूस में बड़ी डील से ऑर्किड फार्मा के शेयरों में उछाल, 11% तक चढ़ा स्टॉकसीमेंट शेयर खरीदने का मौका या बरतें सावधानी? Q1 से पहले ब्रोकरेज ने जारी किया बड़ा अनुमानमॉनसून ने पकड़ी रफ्तार,जुलाई के पहले सप्ताह में 42% ज्यादा बारिश, जल्द फैलेगा पूरे देशमारुति सुजुकी ने खरखौदा प्लांट में शुरू किया 1 MW बैटरी स्टोरेज सिस्टमTrump Shock: ईरान पर बयान के बाद शेयर बाजार 2% से ज्यादा टूटा, क्रूड 6% उछला, सोना-चांदी 3% तक टूटेEPFO Scheme 3.0: PF खाताधारकों के लिए खुशखबरी! अब इलाज, शादी और घर के लिए आसान होगा पैसा निकालनाQ1 से पहले पूरी तस्वीर! Titan, DMart, Nykaa समेत रिटेल कंपनियों पर दो ब्रोकरेज की रिपोर्टकच्चे तेल में उछाल से OMC शेयर टूटे, HPCL, BPCL, IOC दबाव में; ONGC पर दांव लगाने की सलाह

तो पहले भी छिपाया था ‘सत्य’

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 11:57 PM IST

रामलिंग राजू के फर्जीवाड़े का खुलासा करने से करीब एक माह पहले अमेरिकी अधिकारी सत्यम के सीरिया, सूडान, क्यूबा और ईरान के साथ कारोबार की जांच में जांच में जुटे थे।
दरअसल, अमेरिकी सरकार ने इन देशों को आतंकवाद का प्रायोजक करार दिया है और इन पर अमेरिका ने आर्थिक और निर्यात संबंधी प्रतिबंध भी लगा चुका है।
उस समय सत्यम के तत्कालीन अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामलिंग राजू को लिखे पत्र में ग्लोबल सिक्योरिटी रिस्क कार्यालय ने इस बात को इंगित किया था कि कंपनी ने इन देशों के साथ अपने कारोबार का खुलासा नहीं किया है।
पत्र में पहले के सौदों और निकट भविष्य में किए जाने वाले सौदों के बारे में कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि सत्यम को भेजी गई प्रश्नावली का कंपनी ने कोई जबाव नहीं दिया, लेकिन अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग को भेजे गए अपने जवाब में कंपनी ने सीरिया और सूडान स्थित कंपनियों के साथ सौदे की बात स्वीकार की थी।
कंपनी ने बताया था कि कीमतों के लिहाज से सौदों के महत्वपूर्ण नहीं होने के कारण इसका खुलासा नहीं किया गया। कंपनी द्वारा किया गया यह खुलासा न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज यूरोन्क्स्ट वेबसाइट पर भी है।
इससे पूर्व भी ऐसी भारतीय कंपनियां, जिनका कारोबार सूडान और सीरिया स्थित कंपनियों के साथ हुआ है, वे मानवाधिकार उल्लंघन के मामले में शक के दायरे में आ चुकी हैं।
पिछले साल 26 नवंबर को सीरिया और सूडान में अपने ग्राहकों के नामों का बगैर खुलासा किए कंपनी ने कहा कि इन देशों में सेवा देने के बदले कंपनी को जो राजस्व की प्राप्ति होती है, वह कंपनी के  राजस्व का 0.006 फीसदी हिस्से से भी कम थी।
सत्यम ने कहा कि सूडान और सीरिया में कारोबार को देखते हुए कंपनी को यह नहीं लगता कि यह निवेशकों के लिए किसी भी नजरिये से चिंता का कारण है।

Advertisement
First Published - April 11, 2009 | 3:27 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement