सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात निर्माता कंपनी आरआईएनएल ने ऑटोमोबाइल और निर्माण क्षेत्र में आई कमी की वजह से उत्पादन में 30 फीसदी की कटौती कर दी है।
आरआईएनएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक पी. के. विश्नोई ने कहा, ‘मौजूदा अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकट को देखते हुए उत्पादन का स्तर 70 फीसदी तक ही रहेगा, क्योंकि ऑटोमोबाइल और निर्माण क्षेत्र में मांग काफी कम हो गई है।’
आरआईएनएल को मिनी रत्न का दर्जा प्राप्त है और इसका प्रशासनिक नियंत्रण इस्पात मंत्रालय के हाथों है।
कंपनी सालाना 30 लाख टन इस्पात का उत्पादन करती है। पिछले कुछ महीने में मांग में कमी की वजह से कंपनी की 6 लाख टन की इकाई को बंद करना पड़ा था।
विश्नोई ने कहा है कि कंपनी स्टॉक में बचे 33 फीसदी (2 लाख टन) इस्पात को आक्रामक बिक्री के जरिये बेचा जाएगा। मौजूदा वित्त वर्ष के अप्रैल-जनवरी की अवधि में कंपनी ने 23 लाख 50 हजार टन इस्पात बेचे।