जामनगर में अपनी दूसरी रिफाइनरी शुरू करने वाली निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) अब 20 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एथिलीन कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बना रही है।
प्रस्तावित सी1-सी2 इकाई में दोनों रिफाइनरियों के अवशिष्ट ईंधन गैस का इस्तेमाल एथिलीन और उसके उत्पाद बनाने के लिए कच्चे माल के तौर पर किया जाएगा।
उद्योग सूत्रों का मानना है कि इस नए कॉम्प्लेक्स में लगभग 20,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस प्लांट की एथिलीन उत्पादन क्षमता करीब 4 से 5 लाख टन सालाना होगी।
नए कॉम्प्लेक्स में एथाइल विनाइल एसिटेट, एथिलीन ऑक्साइड ग्लाइकोल, उच्च घनत्व वाली पॉली एथिलीन और निम्न घनत्व वाली पॉली एथिलीन का उत्पादन किया जाएगा। अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि यह नया कॉम्प्लेक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) के अंतर्गत आएगा या नहीं।
कंपनी के सूत्रों के मुताबिक, आरआईएल ने गुजरात की विभिन परियोजनाओं में 30 हजार से 35 हजार करोड़ रुपये निवेश का मसौदा तैयार किया है। हालांकि आरआईएल ने हाल में हुए वाइबे्रंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर मीट 2009 में किसी समझौते पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किया है।
लेकिन उसने राज्य में 50 मेगावाट क्षमता की बिजली इकाई स्थापित करने की इच्छा सरकार के समक्ष जाहिर की। इसके अलावा, रिलायंस ने जामनगर में कोयला और पेट कोक गैसिफिकेशन की परियोजना स्थापित करने में भी रुचि दिखाई है। साथ ही एरोमेटिक्स निर्माण इकाइयों के विस्तार की भी इच्छा कंपनी ने जताई है।
रिलायंस राज्य भर में सिटी गैस वितरण नेटवर्क स्थापित करने की भी सोच रही है। आरआईएल की सहयोगी कंपनी रिलायंस पेट्रोलियम लिमिटेड ने जामनगर के विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्थित अपनी दूसरी रिफाइनरी से निर्यात का काम शुरू भी कर दिया है।
अभी तक इस रिफाइनरी में आधा उत्पादन ही हो रहा है और उम्मीद है कि अगले दो-तीन महीने में बाकी का काम भी शुरू हो जाएगा।
नई रिफाइनरी से शुरुआती दौर में नेफ्था और डीजल का उत्पादन किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि इस रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 31 किलो टन डीजल और 5.7 किलो टन नेफ्था की है।
जामनगर में विकसित करेगी एथिलीन कॉम्प्लेक्स
20,000 करोड़ रुपये की लागत वाले प्लांट की उत्पादन क्षमता 4 से 5 लाख टन सालाना होगी