अनिल अंबानी प्रवर्तित बिजली उत्पादन कंपनी रिलायंस पावर आगामी बैठक में इक्विटी या इक्विटी से जुड़ाव रखने वाली प्रतिभूतियों के जरिये रकम जुटाने की खातिर निदेशक मंडल की मंजूरी मांगेगी। यह बैठक 13 जून, 2021 को होनी है। कंपनी ने एक्सचेंज को भेजी सूचना में कहा, निदेशक मंडल देसी या वैश्विक बाजारों से इक्विटी शेयर या इक्विटी से जुड़ाव रखने वाली प्रतिभूतियों या वॉरंट, (जसे इक्विटी शेयर में तब्दील किया जा सकेगा), तरजीही शेयर या पात्र संस्थागत नियोजन या राइट्स इश्यू या अन्य जरिये से रकम जुटाने के पप्रस्ताव पर विचार करेगा और उसे अपनी मंजूरी देगा।
रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के निदेशक मंडल की तरफ से इक्विटी या इक्विटी से जुड़ाव वाली प्रतिभूतियों के जरिए 550 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी रविवार को दिए जाने के बाद यह कदम देखने को मिला है। कंपनी ने कहा कि रकम का इस्तेमाल कर्ज घटाने और भविष्य की बढ़त पर होगा। रिलायंस पावर के पास 6,000 मेगावॉट की परिचालन वाली परियोजना है, जिसमें 3,960 मेगावॉट वाली मध्य प्रदेश की सासन अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना शामिल है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2020-21 के सालाना नतीजे की घोषणा के दौरान एक बयान में कहा, वित्त वर्ष के दौरान उसने अपने कर्ज में 3,108 करोड़ रुपये की कमी की है।
मार्च, 2021 के आखिर में कंपनी की मौजूदा देनदारी (उधारी व वित्तीय देनदारी समेत) 15,928 करोड़ रुपये थी, वहीं कुल परिसंपत्ति 4,867 करोड़ रुपये की थी। कंपनी ने 2020-21 में 228.7 करोड़ रुये का मुनाफा अर्जित किया जबकि एक साल पहले उसे 4,076 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
बुधवार को रिलायंस पावर का शेयर थोड़ा चढ़कर 11.55 रुपये पर बंद हुआ।
रिलायंस पावर के पास भारत में कोयला आधारित तीन बिजली परियोजनाएं, गैस आधारित एक परियोजना और बांग्लादेश में एक निर्माणाधीन परियोजना है। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में उसके पास दो सौर बिजली परियोजना और एक पवन ऊर्जा परियोजना है। कंपनी के पास नौ पनबिजली संयंत्र हैं, जिसका जिक्र पब्लिक प्रोफाइल में किया गया है, लेकिन ये सभी निर्माणाधीन हैं।
कंपनी का एक सौर ऊर्जा संयंत्र राजस्थान सन टेक्निक एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड अपने लेनदारों के साथ कर्ज समाधान में जुटी हुई है। उसकी 600 मेगावॉट वाली विदर्भ पावर दिवालिया कार्यवाही में फंसी है क्योंकि ऐक्सिस बैंक ने साल 2020 में उसे एनसीएलटी में घसीट लिया था।
कंपनी ने अपने वित्तीय नतीजे में कहा है, विदर्भ पावर अपने लेनदारों के साथ कर्ज समाधान सीआईआरपी से बाहर करने के लिए बातचीत कर रही है।