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ड्यूरेबल्स विनिर्माताओं की बिक्री में रिकॉर्ड गिरावट

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Last Updated- December 12, 2022 | 10:27 AM IST

लॉकडाउन के बाद उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज की बढ़ती मांग के बावजूद इस वर्ष कंज्यूमर ड््यूरेबल्स क्षेत्र को ऐसा झटका लगा है जैसा पहले कभी नहीं लगा था। सालाना करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये के कारोबार वाला यह उद्योग बिक्री में करीब 30 फीसदी गिरावट के साथ साल 2020 को अलविदा करेगा। त्योहारी सीजन में सुधार के बावजूद तमाम कारकों ने साल के अंत में सुधार की उम्मीद को धूमिल किया है। हालांकि मार्च से मई के दौरान देशव्यापी लॉकडाउन के कारण बिक्री पूरी तरह धाराशायी हो गई लेकिन दीवाली के बाद मांग में गिरावट से भी इस उद्योग की चिंता बढ़ गई है।
 
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड अप्लायंसेज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (सीईएएमए) के आकलन के अनुसार, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की बिक्री पर प्रभाव पहले के अनुमान के मुकाबले लगभग दोगुना रहा। सीईएएमए के अध्यक्ष एवं गोदरेज ऐंड बॉयस के उपाध्यक्ष कमल नंदी ने कहा, ‘अगस्त के बाद बिक्री में लगातार सुधार दिखा और त्योहारी महीनों में अच्छी बिक्री हुई। लेकिन साल के अंत में कमोडिटी की कीमतों में भारी वृद्धि से हम दोबारा प्रभावित हुए हैं। इससे सुधार की संभावना प्रभावित हुई है।’
 
लॉकडाउन के बाद अटकी हुई मांग के मद्देनजर उद्योग के वरिष्ठï अधिकारियों को पिछले साल के अनुरूप बिक्री होने की उम्मीद थी। हालांकि नवंबर में सीईएएमए ने अपने अनुमान में संशोधन करते हुए पिछले साल के मुकाबले बिक्री में 15 फीसदी की गिरावट का अनुमान जाहिर किया। नंदी ने कहा कि कोविड संबंधी पाबंदियों और अनिश्चितताओं के कारण शादी-ब्याह के सीजन में कमजोर मांग के अलावा इस्पात, तांबा और प्लास्टिक जैसी प्रमुख वस्तुओं की मांग में तेजी से भी विनिर्माताओं पर दबाव बढ़ गया। यही कारण है कि अधिकतर विनिर्माताओं ने दाम बढ़ाने का विकल्प चुना जिससे बिक्री में गिरावट अपरिहार्य है।
 
जून और नवंबर की शुरुआत के दौरान अधिकतर विनिर्माताओं ने बिक्री में लगातार वृद्धि दर्ज की। अधिकतर कामकाजी पेशेवरों के घर में होने के कारण स्वचालित वॉशिंग मशीन, फ्रॉस्ट-फ्री रेफ्रिजरेटर, बड़े स्क्रीन वाले टेलीविजन सेट, नोटबुक और ऑडियो उत्पादों जैसे घरेलू उपकरणों की बिक्री में दो अंकों में वृद्धि दर्ज की गई। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के उपाध्यक्ष विजय बाबू के अनुसार, कंपनी ने अपने प्रीमियम पोर्टफोलियो में 50 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की। उन्होंने कहा, ‘पहली छमाही (2020 की) चुनौतीपूर्ण रही है लेकिन बाद में हमने अच्छी वृद्धि दर्ज की है।’ उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बाद स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कारणों से प्रीमियम रेफ्रिजरेटर जैसे उत्पादों के लिए उपभोक्ताओं के बीच बढ़ते आकर्षण और माइक्रोवेव एवं डिशवॉशर जैसे सुविधाजनक उत्पादों की मांग में वृद्धि से बिक्री को रफ्तार मिली। 
 
सोनी इंडिया के प्रबंध निदेशक सुनील नायर ने भी इससे सहमति जताई। उन्होंने कहा कि बाजार के खुलने के बाद सोनी ने 55 इंच और इससे अधिक आकार के स्क्रीन वाले एलईडी टीवी सेटी की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ महीनों के दौरान हमने ग्राहकों का रुझान स्थापित ब्रांडों की ओर होते देखा और ऐसा खास तौर पर कंज्यूमर ड््यूरेबल्स क्षेत्र में दिखा जिसका हमें भी लाभ हुआ। ग्राहक अब महज कीमत के बजाय विशेषताओं पर ध्यान देते हैं।’ पैनासोनिक इंडिया ने त्योहारी बिक्री में 30 फीसदी की वृद्धि दर्ज की जिसे रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन की मांग में तेजी से बल मिला। हालांकि अन्य कंपनियों की तहर पैनासोनिक इंडिया की पूरे साल के लिए योजना को झटका लगा। पैनासोनिक इंडिया के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्याधिकारी (भारत एवं दक्षिण एशिया) मनीष शर्मा के अनुसार, साल 2020 में वैश्विक महामारी के कारण 25 फीसदी का नुकसान हुआ।

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First Published - December 25, 2020 | 9:31 PM IST

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