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मंदी किसी पर भारी, किसी से हारी

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Last Updated- December 09, 2022 | 10:55 PM IST

आरआईएल का लाभ कम


निजी क्षेत्र की देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 9.3 फीसदी कम लाभ हुआ है।

पिछले वर्ष समान अवधि में कंपनी ने जहां 3,882 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था वहीं 31 दिसंबर को समाप्त हुई चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में यह महज 3,501 करोड़ रुपये रह गया है।

इस लिहाज से पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कंपनी को लगभग 9 फीसदी का नुकसान उठाना पड़ रहा है। कंपनी के मुताबिक उसके कारोबार में भी 8.75 फीसदी की कमी आई है।

आरआईएल                2008-09   2007-08
शुद्ध लाभ                    3,501        3,882
                                                     (आंकड़े करोड़ रुपये में)


रैनबैक्सी को लग गई घाटे की बीमारी

दवा बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी रैनबैक्सी लैबोरेट्रीज को भी घाटे की बीमारी ने जकड़ लिया है। 31 दिसंबर को समाप्त हुई चौथी तिमाही में कंपनी को 806 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है।

पिछले वर्ष कंपनी को समान अवधि में 48.4 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। गौरतलब है कि रैनबैक्सी का वित्तीय वर्ष दिसंबर में ही पूरा होता है। पिछले वर्ष की चौथी तिमाही में जहां कंपनी की बिक्री 1,795.10 करोड़ रुपये थी।

वहीं इस साल की चौथी तिमाही में कंपनी की बिक्री 6.38 फीसदी बढ़कर 1,909.60 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी ने इसकी वजह बिक्री में कमी के साथ फॉरेक्स डेरिवेटिव्स का नुकसान बतायी है।

उसका कहना है कि विदेशी मुद्रा की कीमत में उतार चढ़ाव ने भी इस दौरान उसके बहीखातों पर जबरदस्त असर डाला।

तीसरी तिमाही


         2008                 2007
               शुद्ध लाभ 
        -806                  48.4
                                      (करोड़ रुपये)

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First Published - January 22, 2009 | 11:58 PM IST

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