पेरिस की आईटी कंपनी कैपजेमिनी ने कहा है कि अगर मौजूदा आर्थिक संकट जारी रहा, तो 2010 तक भारत में 40,000 कर्मचारियों की भर्ती करने का उनका लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगी। फिलहाल भारत में कंपनी के कुल 24,000 कर्मचारी हैं।
कैपजेमिनी के सीईओ सलिल पारेख ने कहा, ‘ भारत में हम अभी भी और लोगों की भर्ती करेंगे। इस साल हम कर्मचारियों की संख्या में 15 फीसदी का इजाफा करेंगे। पिछले साल हमने अपने कर्मचारियों की संख्या में 24 फीसदी का इजाफा किया था।
हालांकि मौजूदा माहौल को देखते हुए इस योजना को एक साल तक के लिए टालना पड़ सकता है। लेकिन अगर माहौल तेजी से सुधरता है, तो हम भर्ती की प्रक्रिया इस साल भी पिछले साल की तरह ही जारी रख सकते हैं।’
उन्होंने कहा कि हालांकि कंपनी के कुछ क्षेत्रों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन संपूर्ण तौर पर देखा जाए, तो भर्ती में कमी आई है। जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंपनी या तो कर्मचारियों की भर्ती कम कर दी है या इसे पूरी तरह से बंद कर दी है।
कैपजेमिनी ग्रुप के कार्यकारी बोर्ड सदस्य लुकफ्रेंसियस सल्वाडोर ने कहा, ‘हमलोगों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी तरह की भर्ती को बंद कर दिया है, लेकिन भारत में अभी भी हम कर्मचारियों की भर्ती कर रहे हैं।’ भारत में कंपनी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन , बीपीओ और कंसल्टिंग कारोबार में भर्तियां जारी रखेगी।
पारेख कहते हैं, ‘घरेलू बाजार के लिए जो हमने कंसल्टिंग कारोबार शुरू किया है, वह इस साल लाभ में रहेगा। हालांकि अभी हमारे पास ग्राहकों की संख्या कम है। हमलोग कंसल्टेंसी में कर्मचारियों की संख्या दुगनी करेंगे, जो अभी 600 है।’
एक तरफ मौजूदा आर्थिक संकट के दौर में कई आईटी कंपनियां घाटे का रोना रो रही हैं, वहीं कैपजेमिनी महसूस करती है कि अमेरिका में उसका कारोबार अच्छा चल रहा है। कंपनी 2009 में करोड़ों रुपये की लंबी अवधि समझौते की तलाश में है।
पारेख कहते हैं, ‘हम उम्मीद करते हैं कि 2009 में कंपनी लंबी अवधि का समझौता करेगी। हम 5 से 7 साल तक की अवधि के लिए समझौते करना चाहते हैं। उम्मीद है कि इस साल 20 करोड़ डॉलर तक का प्रस्ताव मिल सकता है।’