फिनो पेमेंट्स बैंक ने रविवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंक के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) केतन मर्चेंट को अंतरिम सीईओ नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। उन्हें 27 फरवरी से 3 महीने के लिए ऋषि गुप्ता के फिर से पदभार संभालने तक के लिए सीईओ बनाने की अनुमति मिली है। बैंक से एमडी और सीईओ गुप्ता को पिछले महीने गिरफ्तार कर लिया गया था।
बैंक ने कहा कि गुप्ता का बैंक के एमडी और सीईओ के रूप में फिर से कार्यभार संभालना बैंक के बोर्ड और इसकी नामांकन और पारिश्रमिक समिति (एनआरसी) द्वारा उनकी उपयुक्तता के पुनर्मूल्यांकन के साथ-साथ रिजर्व बैंक के दृष्टिकोण पर निर्भर करेगा।
मर्चेंट बैंक के सीएफओ हैं। गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद बैंक के बोर्ड ने मर्चेंट को बैंक के प्रमुख और रोजाना के कामकाज देखने की जिम्मेदारी सौंपी थी। पिछले महीने गुप्ता को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित कथित उल्लंघन के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें इस मामले में अभी जमानत नहीं मिली है। दिलचस्प है कि गुप्ता की गिरफ्तारी के करीब एक महीने पहले ही रिजर्व बैंक ने एमडी और सीईओ के रूप में गुप्ता का कार्यकाल 3 साल के लिए बढ़ाने को मंजूरी दी थी, जो 2 मई 2026 से प्रभावी है।
शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बैंक ने कहा, ‘हम सूचित करना चाहते हैं कि रिजर्व बैंक ने 6 मार्च, 2026 को एक पत्र में मर्चेंट को बैंक को 3 महीने या गुप्ता के फिर से कार्यभार संभालने तक अंतरिम सीईओ नियुक्त किए जाने को मंजूरी दे दी है, जो 27 फरवरी, 2026 से प्रभावी होगा।’
पिछले साल दिसंबर में रिजर्व बैंक ने फिनो पेमेंट्स बैंक को एक लघु वित्त बैंक (एसएफबी) में परिवर्तित होने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। यह एसएफबी में रूपांतरण के लिए आवेदन करने वाला पहला और एकमात्र पेमेंट्स बैंक है। फिनो के पास एसएफबी में परिवर्तित होने के लिए 18 महीने तक का समय है।