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इक्विटी कारोबार में उतरने को तैयार है पीटीसी

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Last Updated- December 10, 2022 | 12:46 AM IST

बिजली का कारोबार करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी, पीटीसी इंडिया लि. अब इक्विटी के कारोबार में भी उतरने वाली है। इसके लिए कंपनी ने एक सहायक कंपनी को स्थापित करने का फैसला किया है, जिसमें पीटीसी इंडिया शुरुआत में 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
इसके अलावा, यह सहायक कंपनी देसी और विदेशी संस्थागत निवेशकों से भी पैसे उगाहेगी। सूत्रों का कहना है कि कंपनी अलग-अलग रास्तों का सहारा लेकर 1500 करोड़ रुपये उगाहने का फैसला किया है, जिसके एक हिस्से का इस्तेमाल प्राइवेट इक्विटी फंड्स को शुरू करने में किया जाएगा।
इसमें से 1,200 करोड़ रुपये को कंपनी नॉन कंवर्टेबल डिबेंचर्स (एनसीडी) और वारंट्स को चुनिंदा ग्राहकों को बेचकर उगाहेगी। बाकी के 300 करोड़ रुपये को जुटाने की जिम्मेदारी कंपनी की सहायक वित्तीय कंपनी पीटीसी फाइनैंस सविसेज लि. (पीएफएस) को सौंपी गई है।
पीएफएस के गैर बैंकिंग वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी है। इसकी 40 फीसदी हिस्सेदारी पिछले साल जनवरी में गोल्डमैन सैक्स और मैक्वायर इंडिया होल्डिंग्स ने 156 करोड़ रुपये चुका कर खरीदी थी।
सूत्रों की मानें तो पीएफएस का बोर्ड  अगले हफ्ते इस बारे में विचार करेगा कि पैसे कैसे उगाहे जाएं? पीटीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक टी.एन. ठाकुर ने बताया कि, ‘हम पैसे जुटाने के अलग-अलग तरीकों को टटोल रहे हैं, ताकि हम अपने पुराने ग्राहक कंपनियों की इक्विटी के कारोबार में उतर सकें। पीएसएस के बोर्ड में इस बारे में विचार होगा कि पैसे किस तरह से उगाहे जाएं।’  
ठाकुर का कहना है कि, ‘पीटीसी इंडिया 1200 करोड़ रुपये में से 400 करोड़ रुपये को एनसीडी के जरिये और 800 करोड़ रुपये को वारेंट्स के रास्ते उगाहेगी। हम बाजार की हालत और कीमत के आधार पर पैसे आसानी से जुटा लेंगे।’

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First Published - February 11, 2009 | 11:03 PM IST

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