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अप्रत्याशित लाभ कर का विरोध ! वेदांत ने सरकार के लाभांश में की कटौती

Last Updated- March 24, 2023 | 11:16 PM IST
vedanta share price

दिग्गज उद्योगपति अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांत ने नौ महीने पहले अप्रत्याशित लाभ कर लगाए जाने को लेकर एक तरह से विरोध जताते हुए कर चुकाने के लिए अपने तेल और गैस संयंत्रों से सरकार के लाभांश में से लगभग 9.1 करोड़ डॉलर रोक लिया है। मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी।

भारत ने 1 जुलाई, 2022 को अप्रत्याशित लाभ पर कर लगाया। इसके साथ उन देशों में शामिल हो गया, जिन्होंने ऊर्जा कंपनियों को हो रहे अच्छे लाभ को देखते हुए कर लगाया था। इसके अलावा स्थानीय रूप से उत्पादित कच्चे तेल पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क भी लगाया गया।

लेकिन स्थानीय रूप से उत्पादित कच्चे तेल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) को उत्पादनकर्ता वित्तीय स्थिरता प्रदान करने वाले अनुबंध का उल्लंघन मानते हैं। एसएईडी शुरू में 23,250 रुपये प्रति टन (40 डॉलर प्रति बैरल) की दर से लगाया गया।

15 दिन पर होने वाले संशोधनों में इसे घटाकर 3,500 रुपये प्रति टन कर दिया गया। यह तेल और गैस की कीमत पर 10-20 प्रतिशत रॉयल्टी और 20 प्रतिशत का तेल उपकर के अलावा है।

वेदांत ने 31 जनवरी को और 20 फरवरी को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को सूचित किया था कि उसने एसएईडी चुकाने के लिए राजस्थान ब्लॉक, आरजे-ओएन-90/1 पर 8.53 करोड़ डॉलर के अलावा कैम्बे बेसिन में ब्लॉक सीबी-ओएस/2 के लिए 55 लाख डॉलर की कटौती की है।

एजेंसी को मिले पत्र के अनुसार, कंपनी ने कहा कि यह अनुबंधों में उल्लेखित आर्थिक लाभ को बरकरार रखने के दृष्टिकोण के साथ किया गया। कंपनी ने तर्क देते हुए कहा कि उत्पादन साझेदारी अनुबंध (पीएससी) अनुबंधित पक्षों को वित्तीय स्थिरता प्रदान करता है। भाषा

First Published - March 24, 2023 | 11:16 PM IST

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