ऑयल इंडिया का समेकित शुद्घ लाभ बढ़ा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 11:37 PM IST

ऑयल इंडिया (ओआईएल) ने वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही में 1,454.28 करोड़ रुपये का समेकित शुद्घ लाभ दर्ज किया। यह पूर्ववर्ती वित्त वर्ष के समान महीने में कंपनी द्वारा दर्ज 1,058.07 करोड़ रुपये के मुनाफे की तुलना में 37.45 प्रतिशत ज्यादा है।
कंपनी ने एक बयान में कहा है कि ओआईएल बोर्ड ने वर्ष 2021-22 के लिए 3.50 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश का सुझाव दिया है। समीक्षाधीन अवधि में समेकित शुद्घ आय 7,420.13 करोड़ रुपये पर थी, जो वित्त वर्ष 2019-20 के समान महीने के 5,598.55 करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी को कच्चे तेल की कीमत प्राप्ति में सुधार से मदद मिली। ओआईएल के अनुसार, कच्चे तेल की कीमत प्राप्ति मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सुधरकर 71.35 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जो पिछले साल के समान महीने में 42.74 डॉलर प्रति बैरल थी।  

बीओबी का शुद्घ लाभ
24 प्रतिशत चढ़ा
बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने सितंबर 2021 तिमाही में 2,088 करोड़ रुपये का शुद्घ लाभ दर्ज किया है जो 24.4 प्रतिशत की वृद्घि है। बैंक को गैर-ब्याज आय में मजबूत वृद्घि से मदद मिली। बैंक ने पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 1,679 करोड़ रुपये का शुद्घ लाभ दर्ज किया था। तिमाही आधार पर, शुद्घ लाभ जून 2021 में समाप्त पहली तिमाही में 1,209 करोड़ रुपये था। वहीं करों के लिए प्रावधान वित्त वर्ष 2021 की दूसरी तिमाही के 872 करोड़ रुपये से घटकर वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में 828 करोड़ रुपये रह गया। समीक्षाधीन तिमाही में शुद्घ ब्याज आय महज 2.11 प्रतिशत बढ़कर 7,566 करोड़ रुपये पर रही, जो एक साल पहले 7,410 करोड़ रुपये थी। बीओबी का शेयर बीएसई पर 4.61 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 101.45 रुपये पर बंद हुआ।

इंडिया सीमेंट्स का शुद्ध लाभ 57 फीसदी घटा
सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में इंडिया सीमेंट्स का शुद्ध लाभ 57 फीसदी की गिरावट के साथ 30 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 69 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी का परिचालन राजस्व इस अवधि में 13 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 1,235 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 1,090 करोड़ रुपये रहा था। इस दौरान बिजली व ईंधन की लागत 57 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 359 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 230 करोड़ रुपये रही थी। कंपनी का कुल खर्च 23 फीसदी की बढ़त के साथ 1,202 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 981 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी ने कहा कि तिमाही में उसने लागत का दबाव झेला, लेकिन विपणन क्षेत्र के विस्तार साथ वॉल्यूम में इजाफा कर कंपनी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। तिमाही में कंपनी का उत्पादन 8 फीसदी सुधरा और अर्धवार्षिक लिहाज से उसमें 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और कुल उत्पादन 41.22 लाख टन रहा। तिमाही में कंपनी ने विपणन क्षेत्र का विस्तार किया जिससे बिक्री में सुधार लाने में मदद मिली।

बिड़ला कॉर्प के शुद्घ लाभ में बड़ी गिरावट
बिड़ला कॉरपोरेशन का शुद्घ लाभ सितंबर में समाप्त तिमाही के दौरान 48.5 प्रतिशत घटकर 86 प्रतिशत रह गया। मुख्य बाजारों में कमजोर मांग के साथ साथ खर्च में वृद्घि होने से कंपनी के मुनाफे पर दबाव पड़ा। कंपनी का शुद्घ लाभ एक साल पहले की समान अवधि में 167 करोड़ रुपये पर दर्ज किया गया था। राजस्व 2.1 प्रतिशत बढ़कर 1,711 करोड़ रुपये पर रहा। कंपनी ने कहा कि सीमेंट के लिए मांग मुख्य तौर पर भारी मॉनसून और उत्तर प्रदेश तथा बिहार जैसे राज्यों में बालू की किल्लत की वजह से प्रभावित हुई। ये प्रदेश कंपनी के लिए मुख्य बाजार समझे जाते रहे हैं। सितंबर तिमाही के लिए सीमेंट खंड की प्रति टन प्राप्ति 4,847 रुपये पर रही, जो पिछले साल 4,862 रुपये थी।

First Published : November 10, 2021 | 10:17 PM IST