महाराष्ट्र के बाद अब गुजरात के दवा और रसायन कारोबारियों ने भी दवा के संगठित खुदरा कारोबार में अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं।
इस मामले में महाराष्ट्र का अनुसरण करते हुए गुजरात के ड्रगिस्ट और केमिस्ट दवा और रसायन का खुदरा कारोबार संगठित करने के लिए एक कंपनी खड़ी करने जा रहे हैं।
इन दोनों राज्यों का अनुसरण करते हुए बिहार, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और राजस्थान के ड्रगिस्ट और केमिस्ट बहुत जल्द अपने-अपने राज्यों में खुदरा दुकानों की श्रृंखला शुरू कर रहे हैं।
वास्तव में देश में खुदरा दवा कारोबार की शीर्ष संस्था ने अपने सदस्यों से कहा है कि वे अपने-अपने राज्यों में दवा का संगठित खुदरा कारोबार शुरू करें।
फेडरेशन और गुजरात स्टेट ड्रगस्टि्स ऐंड केमिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जसवंत पटेल ने बताया, ‘दवा के संगठित खुदरा कारोबार में अभी केवल 22 से 23 खिलाड़ियों का ही दबदबा है।
कॉरपोरेट कंपनियों के आ जाने से निजी दवा दुकानदारों की आय में तेजी से कमी हुई है। इन निजी दुकानदारों का मुनाफा दुरुस्त रखने के लिए ही एफजीएससीडीए ने रिटेल चेन की शुरुआत की है।
संस्था ने एफजीएससीडीए लिमिटेड नाम से एक नई कंपनी स्थापित की है। इस कंपनी की पूंजी 30 करोड़ रु. की होगी। महाराष्ट्र स्टेट ड्रगस्टि्स ऐंड केमिस्ट्स एसोसियशन इस दिशा में पहल करने वाली पहली संस्था थी।