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अब छोटे शहरों से आएंगे बड़े बाबू

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Last Updated- December 11, 2022 | 12:17 AM IST

देश में अगले पांच-छह सालों में 50 हजार नए कंपनी सेक्रेट्री (सीएस) की जरूरत होगी।
इस मांग को पूरा करने के लिए इंस्टीटयूट ऑफ कंपनी सेक्रेट्रीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) ने अब छोटे शहरों और कस्बों की तरफ ध्यान देना शुरू कर दिया है। इस वक्त देश में 23 हजार सीएस हैं।
आईसीएसआई के अध्यक्ष दतला हनुमंत राजू का कहना है कि, ‘बढ़ती मांग को देखते हुए हमने ज्यादा से ज्यादा छात्रों को एडमिशन देना शुरू कर दिया है। पिछले साल, 2007 के मुकाबले एडमिशन लेने वाले छात्रों की तादाद में 55 फीसदी इजाफा हुआ। दूसरी तरफ, 2007 में एडमिशन लेने वाले छात्रों की तादाद 2006 से 50 फीसदी ज्यादा थी।’
इस वर्ष अब तक सीएस कोर्स के लिए 40 हजार छात्र एडमिशन ले चुके हैं। संस्थान के उपाध्यक्ष विनायक एस. खानवालकर का कहना है कि, ‘सीएस की मांग में काफी इजाफा हो रहा है। दरअसल, आज पांच करोड़ रुपये की पूंजी वाली किसी भी कंपनी के लिए बोर्ड में एक सीएस को रखना जरूरी बना दिया गया है।
साथ ही, 10 लाख से पांच करोड़ रुपये की पूंजी वाली किसी भी कंपनी के लिए सीएस से अनुमति पत्र लेना जरूरी बना दिया गया है।’ इसके साथ-साथ आईसीएसआई, सेबी के साथ मिलकर इस बात की कोशिश कर रही है कि सूचीबध्द कंपनियों के लिए सेक्रेटेरियल स्टैंडर्ड को पूरा करना जरूरी बना दिया जाए।

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First Published - April 14, 2009 | 2:56 PM IST

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