मंदी की फैलती आग में जहां हर कंपनी के खजाने में मोटी सेंध लगती नजर आ रही है वहीं सुनील भारती मित्तल ने इसका फायदा उठाकर बाजार पूंजीकरण के लिहाज से टाटा समूह और अनिल अंबानी को भी पीछे छोड़ दिया है।
अब मुकेश अंबानी के रिलायंस समूह के बाद उनकी कंपनी भारती दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। 2008 में देश के शीर्ष 20 औद्योगिक घरानों को अपनी बाजार पूंजी का तकरीबन 65 फीसदी गंवाना पड़ा था। लेकिन इन हालात में भारती को जहां अपनी बाजार पूंजी का केवल 24.4 फीसदी ही गंवाना पड़ा।
जबकि दूसरी कंपनियों की हालत बहुत पतली रही। इस लिहाज से भारती एयरटेल के दूरसंचार कारोबार के प्रतिद्वंद्वी और अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के मुखिया अनिल अंबानी को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा।
बिजनेस स्टैंडर्ड के फोन करने पर सुनील मित्तल ने आश्चर्य के साथ कहा ‘मुझे इसके बारे में नहीं पता। टाटा के पास तो हमसे ज्यादा कंपनियां हैं। मैं आश्चर्यचकित हूं। ‘
बीते साल अनिल अंबानी के समूह को अपनी बाजार पूंजी का 73 फीसदी गंवाना पड़ा और इस लिहाज से गंवाने वालों में छोटे अंबानी सबसे आगे रहे। दूसरी ओर टाटा समूह की कुल बाजार पूंजी में भी पिछले साल 62 फीसदी की सेंध लगी।