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मुंबई हवाई अड्डे को घाटे के आसार : मायल

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Last Updated- December 10, 2022 | 11:13 AM IST

देश के दूसरे सबसे व्यस्त मुंबई हवाई अड्डे को निकट भविष्य में घाटा उठाना पड़ सकता है क्योंकि कोविड-19 की वजह से इसके मुनाफे पर गंभीर असर पड़ा है। इसकी परिचालक मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (मायल) ने आंतरिक मूल्यांकन में यह आशंका जताई है। 
अदाणी समूह के स्वामित्व वाली मायल को वित्त वर्ष 22 में 177.17 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत शुद्ध घाटा हुआ था। इसकी तुलना में जीएमआर समूह के नेतृत्व वाली डायल, जो दिल्ली में देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे का प्रबंधन करती है, ने वित्त वर्ष 22 में 17.68 करोड़ का व्यक्तिगत शुद्ध लाभ अर्जित किया था।

मायल ने 25 जुलाई, 2022 के एक आंतरिक दस्तावेज में कहा है कि कंपनी (मायल) को अगले कुछेक वर्षों के दौरान शायद पर्याप्त लाभ न हो क्योंकि कोविड-19 की वजह से कंपनी का परिचालन और लाभ गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। इसके अलावा इसमें कहा गया है कि एयरपोर्ट्स इकनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (ऐरा) ने मुंबई हवाई अड्डे के लिए 1 अप्रैल, 2021 से विमानन शुल्क में 38.37 प्रतिशत तक की कमी की है। इसमें यह भी कहा गया है कि कंपनी को निकट भविष्य में नुकसान की आशंका है। घाटे को लेकर भावी आकलन के संबंध में मायल ने समाचार पत्र के सवालों का जवाब नहीं दिया।

वित्त वर्ष 22 में मायल की शुद्ध हानि अधिक हो जाती, अगर इसमें केंद्र द्वारा संचालित भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को बैलेंस शीट के ‘कुल व्यय’ के तहत वार्षिक शुल्क भुगतान शामिल कर दिया जाता – जो राजस्व का 38.7 प्रतिशत भाग है। 
जब वर्ष 2020 में वैश्विक महामारी कोविड-19 शुरू हुई थी, तो मायल ने एएआई के साथ वर्ष 2006 के समझौते के अप्रत्याशित घटना प्रावधान की मांग की थी, जिसमें महामारी खत्म होने और कंपनी द्वारा यात्रियों का महामारी से पहले वाला स्तर हासिल कर पाने तक वार्षिक शुल्क भुगतान से राहत मांगी गई थी। फिलहाल यह मामला मध्यस्थता के अधीन है।

मुंबई हवाई अड्डे ने वित्त वर्ष 22 में 2.175 करोड़ यात्रियों को संभाला था, जो वित्त वर्ष 19 के 4.883 करोड़ यात्रियों के महामारी से पहले के शीर्ष स्तर से खासा कम है। हवाईअड्डा वित्त वर्ष 22 में अपना वार्षिक घाटा 46.7 प्रतिशत तक कम करके 177.17 करोड़ रुपये करने में सक्षम रहा। 
मायल ने कहा वित्त वर्ष 22 काफी उतार-चढ़ाव वाला वर्ष था, वर्ष की पहली छमाही में कोविड-19 का प्रसार रोकने के लिए भारत और विदेशों, दोनों द्वारा बड़े प्रतिबंध लगाए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप हवाई अड्डे पर हवाई यातायात और यात्रियों की आवाजाही कम रही। वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में प्रतिबंधों को धीरे-धीरे कम कर दिया गया।

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First Published - November 22, 2022 | 2:03 AM IST

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