आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी ने विवादास्पद मायटास इन्फ्रा को आवंटित 12,132 करोड़ रुपये की हैदराबाद मेट्रो रेल परियोजना रद्द करने से इनकार कर दिया है।
रेड्डी के मुताबिक, मौजूदा हालत को देखते हुए उन्हें संदेह है कि यह कंपनी अगले महीने तक इतना धन जुटा पाएगी। ऐसे में यह ठेका स्वत: ही खत्म हो जाएगा, जिससे 11 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि सरकार के खाते में चली जाएगी। उल्लेखनीय है कि मायटास इन्फ्रा सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज के संस्थापक बी. रामलिंग राजू द्वारा प्रवर्तित कंपनी है।
राज्य विधानसभा में सत्यम मसले पर चली दो दिन की गरमागरम बहस के बाद मुख्यमंत्री ने बताया, ”मायटास को जब यह ठेका मिला था, तब रियल सेक्टर में बूम की स्थिति थी। लेकिन अभी हालात बदल चुके हैं।
एक ओर रियल सेक्टर पर मंदी की मार सबसे अधिक पड़ी है, वहीं अब कंपनी का नाम भी बदनाम हो चुका है। उन्हें नहीं लगता कि ऐसी स्थिति में कंपनी बैंकों से परियोजना के लिए धन का इंतजाम कर पाएगी।”
रेड्डी के मुताबिक, जब कंपनी धन का इंतजाम नहीं कर पाएगी तो यह ठेका स्वत: ही रद्द हो जाएगा।