टेक महिंद्रा के सौदे पर बाजार सकारात्मक

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 9:52 PM IST

प्रमुख आईटी सेवा कंपनी टेक महिंद्रा ने अपनी डिजिटल इंजीनियरिंग दक्षता को बेहतर करने, पूर्वी यूरोप में विस्तार और बीमा क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए करीब 2,632 करोड़ रुपये के एक सौदे के तहत कॉम टेक को आईटी (सीटीसी) के अधिग्रहण की घोषणा की है। लाविया और बेलारूस में इस यूरोपीय कंपनी के विकास केंद्र हैं
और यह बीमा क्षेत्र के वैश्विक ग्राहकों को डिजिटल इंजीनियरिंग एवं आउटसोस्र्ड उत्पााद विकास सेवाएं उपलब्ध कराती है।
शेयरखान के विश्लेषकों का मानना है कि इस अधिग्रहण से टेक महिंद्रा को अपने बीमा कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलेगी क्योंकि इससे उसे डीप-डोमेन विशेषज्ञता हासिल होगी, उन्नत दक्षता तक पहुंच सुनिश्चित होगी और क्रॉस-सेलिंग अवसरों के जरिये बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सीटीसी की दमदार वृद्धि और अधिक मार्जिन से कंपनी को समेकित आधार पर बेहतर मार्जिन हासिल करने में मदद मिलेगी।
कंपनी दो बीमाटेक प्लेटफॉर्म- स्विफ्ट टेक्नोलॉजिज और सुरेंस- में से प्रत्येक में 25 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 2 करोड़ यूरो का भी निवेश करेगी। टेक महिंद्रा के पास अगले दो वर्षों के दौरान 20 फीसदी अतिरिक्त हिस्सेदारी हासिल करने का भी विकल्प होगा।
हालांकि सीटीसी के साथ सौदा सकारात्मक है लेकिन मंगलवार को टेक महिंद्रा का शेयर 3.5 फीसदी गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि आज कंपनी का शेयर 0.64 फीसदी की बढ़त के साथ 1,671.35 रुपये पर बंद हुआ। मंगलवार को हुई गिरावट की वजह अधिक मूल्यांकन रही लेकिन मूल्यांकन को लेकर बाजार की राय मिलीजुली है। सीटीसी के लिए टेक महिंद्रा ने कैलेंडर वर्ष 2021 में सीटीसी की बिक्री के मुकाबले चार गुना भुगतान किया है। इसके तहत 21 करोड़ यूरो का अग्रिम भुगतान किया जाएगा जबक शेष रकम आय एवं सिनर्जी-लिंक्ड भुगतान होगा।
मोतीलाल ओसवाल रिसर्च के मुकुल गर्ग और प्रकाश भानुशाली ने कहा, ‘उच्च परिचालन मार्जिन के साथ उच्च वृद्धि वाली डिजिटल एवं उत्पाद विकास श्रेणियों में उसकी मौजूदगी को देखते हुए 3.8 गुना एंटरप्राइज मूल्य बनाम बिक्री पर सीटीसी का अधिग्रहण टेक महिंद्रा के लिए आकर्षक है।’
हालांकि सीटीसी मार्जिन के मोर्चे पर उद्योग में अग्रणी है लेकिन उसके पास सीमित बिक्री बल एवं प्रतिभाएं हैं। इसका मतलब साफ है कि टेक महिंद्रा को बिक्री एवं परिचालन बढ़ाने के लिए निवेश करना पड़ेगा। एडलवास रिसर्च के विश्लेषकों ने कहा कि इस निवेश को समायोजित करने के लिए मूल्यांकन टेक महिंद्रा के लिए काफी अधिक हो जाएगा।
दूसरी चिंता अधिग्रहण की रफ्तार (वित्त वर्ष 2022 में यह दसवां अधिग्रहण) और नकदी की उपयोगिता को लेकर है। टेक महिंद्रा ने वित्त वर्ष 2022 में अब तक विलय एवं अधिग्रहण के मोर्चे पर 88 करोड़ डॉलर खर्च किए हैं जो वित्त वर्ष 2021 में उसके परिचालन नकदी प्रवाह का करीब 75 फीसदी है।

First Published : January 19, 2022 | 11:17 PM IST