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कई स्टार्टअप आईपीओ लाने की कर रहीं तैयारी

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Last Updated- December 15, 2022 | 1:19 AM IST

डिजिटल और भुगतान फर्मों सहित कई परिपक्व स्तर के स्टार्टअप अब रकम जुटाने और शुरुआती निवेशकों को बाहर होने का अवसर प्रदान करने के लिए आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि अधिकतर स्टार्टअप पहले से ही अपने आईपीओ के साथ पूंजी बाजार में उतरने की योजना बना रहे थे लेकिन कुछ अन्य कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण पैदा हुई परिस्थितियों में सूचीबद्ध होने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों में ई-टेलर नायिका, फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो, लॉजिस्टिक्स एवं डिलिवरी फर्म डेल्हीवरी, बीमा अनुसंधान प्लेटफॉर्म पॉलिसीबाजार, आईवियर खुदरा शृंखला लेंसकार्ट और एडटेक एवं ऑनलाइन ट््यूटोरियल प्लेटफॉर्म बैजूज ने आईपीओ संबंधी योजनाओं पर खुलकर अपनी बात रखी है। आईपीओ के साथ स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने की संभावनाएं तलाशने वाली अन्य कंपनियों में वॉलमार्ट की स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट एवं फोनपे और ऑनलाइन भुगतान प्लेटफॉर्म मोबिक्विक शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आईपीओ संबंधी योजनाओं को कोविड वैश्विक महामारी के कारण पैदा हुई परिस्थितियों से कुछ हद तक रफ्तार मिली है। ईवाई इंडिया के कंज्यूमर लीडर पिनाकीरंजन मिश्रा ने कहा, ‘कोविड-19 ने ई-कॉमर्स कंपनियों के व्यापार मॉडल को स्थापित करने में मदद की है। इससे उनके प्लेटफॉर्म पर मांग में तेजी आई है। इसलिए उनके लिए अगली उपलब्ध रणनीति आईपीओ लाने की है।’
नायिका की संस्थापक फाल्गुनी नायर ने हाल में एक कार्यक्रम में कहा कि उनकी कंपनी बिक्री और लाभप्रदता दोनों मोर्चे पर तेजी दर्ज कर रही थी। परिणामस्वरूप यह ऑनलाइन फैशनल रिटेलर आईपीओ लाने की तैयारी में है।
मोबिक्विक ने हाल में अपना आईपीओ 2020 अभियान शुरू किया था। इसी क्रम में उसने अपने वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंदन जोशी को पदोन्नति देकर कंपनी के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) की भूमिका दी थी।
बैजूज के संस्थापक एवं सीईओ बैजू रवींद्रन ने हाल में बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा था कि आईपीओ के बारे में कंपनी का रुख बिल्कुल स्पष्ट है लेकिन उसकी समय-सीमा के बारे में निर्णय लेना अभी बाकी है।
शुरुआती चरण की वेंचर कैपिटल फर्म ब्लूम वेंचर्स के पार्टनर आशिष फफेडिया ने कहा, ‘हमने दृढ़ता से महसूस किया है कि भारतीय परिवेश एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां बड़े यूनिकॉर्न को आईपीओ की ओर रुख करना चाहिए। अगले पांच वर्षों के दौरान यहां एक स्टार्टअप सूचकांक भी होना चाहिए।’
हाल की मीडिया रिपोर्टों से पता चलता है कि प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट 2021 से पहले विदेश में सूचीबद्ध होने की तैयारी कर रही है। इससे कंपनी का मूल्यांकन करीब 50 अरब डॉलर हो सकता है। वास्तव में फ्लिपकार्ट का आईपीओ काफी समय से लंबित है। ई-कॉमर्स प्रबंधन फर्म एसिडस ग्लोबल के संस्थापक एवं सीईओ सोमदत्त सिंह ने कहा, ‘वॉलमार्ट का एकमात्र नुकसान फ्लिपकार्ट से हुआ है जिसमें वैश्विक महामारी के दौरान काफी आकर्षण दिखा लेकिन इससे उसे अपने बहीखाते को दुरुस्त करने में मदद नहीं मिली। फ्लिपकार्ट के मार्केटप्लेस और थोक कारोबार का घाटा 2019 में 69 फीसदी बढ़कर 5,459 करोड़ रुपये हो गया। ऐसे में फ्लिपकार्ट के लिए एकमात्र विकल्प एमेजॉन की तरह आईपीओ लाना रह गया है।’

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First Published - September 25, 2020 | 12:51 AM IST

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