मंदी के इस दौर में भी मुल्क की बायोटेक कंपनियों का विदेशों से मोह नहीं छूट पा रहा है। इसीलिए तो हिंदुस्तान की सात बायोटेक कंपनियों ने मलेशिया में निवेश करने की योजना 5.5 करोड़ डॉलर (269.5 करोड़ रुपये) का निवेश करने जा रही हैं।
इस बात की जानकारी दी मलेशिया में बायोटेक्नोलॉजी के विकास के जिम्मेदार संस्था मलेशियन बायोटेक्नोलॉजी कॉर्पोरेशन ने। कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट डिवीजन) सेल्वम रामाराज ने बताया कि, ‘स्टेम सेल ने तो अकेले ही मलेशिया में एक करोड़ डॉलर (49 करोड़ रुपये) निवेश करने का फैसला किया है। इसके साथ-साथ ऑरिजेन, स्वर्णरेखा, जीनफ्लॉक्स और जेजेंट भी वहां 2.5 करोड़ डॉलर (122.5 करोड़ रुपये) निवेश करने की योजना बना रही हैं।’
इसके अलावा कॉर्पोरेशन के मुताबिक दो और कंपनियां भी मलेशिया में कम से कम तीन करोड़ डॉलर (147 करोड़ रुपये) निवेश करने जा रही हैं, लेकिन उनके नामों को जारी नहीं किया गया। कॉर्पोरेशन को उम्मीद है कि यह सौदा जून तक पूरा हो जाएगा।
रामाराज ने बताया कि इस वक्त मलेशिया में 97 बायोटेक कंपनियां है। इस साल वहां की सरकार को उम्मीद है कि 55 नई बायोटेक कंपनियां मलेशिया का रुख करेंगी, जिससे 14.3 करोड़ डॉलर का निवेश आएगा। इसमें भारतीय कंपनियों की बड़ी भूमिका हो सकती है।
उन्होंने बताया कि, ‘ अभी हाल में ही हमारी सरकार ने मलेशिया में हेल्थकेयर और बायोटेक्नोलॉजी बाजार में जान फूंकने के लिए तीन अरब डॉलर के राहत पैकेज का ऐलान किया था। साथ ही, इन सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों को 10 साल तक टैक्स से पूरी तरह छूट देने का भी ऐलान किया है। इससे हमारे मुल्क की तरफ ज्यादा से ज्यादा कंपनियां आएंगी।’
उन्होंने कहा कि, ‘भारत हमारे लिए अमेरिका और ब्रिटेन जैसे विकसित मुल्कों तक पहुंचने में सीढ़ी का काम करेगा। इसके लिए हम सारी तैयारियां कर रहे हैं।’