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कोविड टीके में भागीदारी करेगी ल्यूपिन

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Last Updated- December 12, 2022 | 4:51 AM IST

प्रमुख दवा कंपनी ल्यूपिन भारत में कोविड-19 टीका उपलब्ध कराने के लिए वैक्सीन निर्माताओं के साथ भागीदारी की संभावना तलाश रही है। कंपनी ने कहा है कि यह दवा आयात के जरिये या वैक्सीन बल्क ड्रग के फिल-ऐंड-फिनिश के जरिये उपलब्ध कराई जा सकती है। टीके के अलावा, ल्यूपिन अब भारत में कोविड उपचार समाधानों की अग्रणी बनना चाहती है और वह रेमडेसिविर जैसी दवाएं पेश करने के लिए समझौतों की संभावना देख रही है।
ल्यूपिन के प्रबंध निदेशक नीलेश गुप्ता ने कहा, ‘हम एमआरएनए वैक्सीन यहां लाना चाहेंगे। एमआरएनए कोविड-19 वैक्सीन की कम से कम आधा दर्जन कंपनियां दावेदार हैं। हमें समय-सीमा को लेकर किसी तरह की स्पष्टïता नहीं दिख रही है।’ कंपनी अगले दो-तीन महीने से पहले इस संदर्भ में कोई सफलता मिलने की उम्मीद नहीं कर रही है।

गुप्ता ने कहा कि एमआरएनए वैक्सीन के लिए सख्त कोल्ड चेन जरूरत भी होती है। कुछ के लिए जटिल कोल्ड चेन आवश्यकताएं होती हैं। फाइजर और मोडर्ना कोविड-19 वैक्सीन वैश्विक रूप से ऐसी प्रमुख दावेदार हैं जिन्होंने एमआरएनए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है। इसके अलावा, कंपनी फिल ऐंड फिनिश इकाई का इस्तेमाल करने के लिए भागीदारियां करने के लिए भी स्वतंत्र है। गुप्ता ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया, ‘हमारे पास फिल ऐंड फिनिश इकाई मौजूद है, लेकिन निकट भविष्य में इसमें अवसर नहीं हैं। यह इकाई अब बंद पड़ी है, जिसका अब अच्छा इस्तेमाल किया जा सकेगा।’
वैक्सीन के अलावा, ल्यूपिन अब कोविड थेरेपी स्पेस में भी अवसर तलाश रही है। वह बारीसिटीनिब के लिए इलाई लिली के साथ समझौता पहले ही कर चुकी है। बारीसिटीनिब का इस्तेमाल अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों के लिए रेमडेसिविर के साथ साथ किया जा रहा है। अगले दो महीने में इस दवा को भारतीय बाजार में लाए जाने की संभावना है।

गुप्ता ने कहा, ‘हम दवा नियामक के समक्ष इस दवा के बारे में कुछ मजबूत आंकड़ा सौंपने की जरूरत होगी। इसलिए कुछ विकास संबंधित कार्य किए जाने की जरूरत होगी। इस बीच,  लिली भी भारत में मांग पूरी करने के लिए दवा का आयात कर रही है। यह हमें यहा उत्पाद निर्माण में मदद भी कर रही है।’ उन्होंने कहा कि ल्यूपिन ने गिलियड से रेमडेसिविर के लिए लाइसेंस का भी आवेदन किया है। यह आवेदन फिलहाल लंबित है। 
 
 

बारीसिटीनिब के अलावा, ल्यूपिन मोलनुपिराविर के लिए एमएसडी के साथ भागीदारी कर रही है। मोलनुपिराविर कोविड मरीजों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली अन्य प्रायोगिक दवा है। 
पीएटी सालाना आधार पर 18.2 प्रतिशत बढ़ा

ल्यूपिन का शुद्घ लाभ मार्च तिमाही में सालाना आधार पर 18.2 प्रतिशत बढ़कर 460.4 करोड़ रुपये रहा। उसे भारतीय व्यवसाय और उभरते बाजारों में विकास से मदद मिली है। वित्त वर्ष 2019 की चौथी तिमाही के मुकाबले कर-बाद लाभ (पीएटी) 59 प्रतिशत तक बढ़ा है। 

राजस्व सालाना आधार पर 1.6 प्रतिशत तक बढ़कर 3,783 करोड़ रुपये रहा, और तिमाही आधार पर इसमें 5.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। वहीं वित्त वर्ष 2019 की चौथी तिमाही की तुलना में राजस्व 14 प्रतिशत तक घटा है।

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First Published - May 13, 2021 | 11:27 PM IST

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