एलऐंडटी के एकीकृत मुनाफे में 67 फीसदी की गिरावट

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 11:56 PM IST

लार्सन ऐंड टुब्रो (एलऐंडटी) का चालू वित्त वर्ष की सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ 67 फीसदी घटकर 1,819.45 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले की इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 5,520.27 करोड़ रुपये रहा था। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि जुलाई-सितंबर, 2021 की तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 35,305.04 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो एक पहले की समान अवधि में 31,593.77 करोड़ रुपये रही थी। कंपनी ने बताया कि आलोच्य तिमाही में कर के बाद उसका एकीकृत लाभ 1,819 करोड़ रुपये रहा। इसमें उत्तराखंड में जल विद्युत संयंत्र में हिस्सेदारी बेचने से प्राप्त 144 करोड़ रुपये शामिल हैं।
अदाणी पोट्र्स का लाभ घटा
अदाणी पोर्ट्स ऐंड स्पेशल इकनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने बुधवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान उसका एकीकृत शुद्ध लाभ 30.51 फीसदी घटकर 968.34 करोड़ रुपये रह गया।    एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 1,393.69 करोड़ रुपये था। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में उसकी कुल एकीकृत आय बढ़कर 4,066.78 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 3,423.16 करोड़ रुपये थी। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी का कुल व्यय बढ़कर 2,509.81 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 1,622.78 करोड़ रुपये था।     
रिलायंस पावर को घाटा
रिलायंस पावर को सितंबर में समाप्त तिमाही में एकीकृत आधार पर 49.05 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। आमदनी में गिरावट की वजह से कंपनी को घाटा उठाना पड़ा है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 105.67 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। बीएसई को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी कुल आय घटकर 1,886.82 करोड़ रुपये रही। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 2,626.49 करोड़ रुपये रही थी। कंपनी का चालू वित्त वर्ष में अपना कर्ज का बोझ 3,200 करोड़ रुपये कम करने का इरादा है। रिलायंस समूह की इकाई रिलायंस पावर देश की निजी क्षेत्र की प्रमुख बिजली उत्पादक और कोयला संसाधन कंपनी है। निजी क्षेत्र में कंपनी के पास बिजली परियोजनाओं के सबसे बड़े पोर्टफोलियो में से है। इन कोयला, गैस, जलविद्युत और अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं शामिल है।
अरविंद लिमिटेड को लाभ
घरेलू मांग बढऩे और निर्यात भी मजबूत रहने से कपड़ा क्षेत्र की कंपनी अरविंद लिमिटेड ने दूसरी तिमाही में 71 करोड़ रुपये का कर-उपरांत लाभ कमाया है। पिछले साल की समान अवधि में उसे कर अदायगी के बाद 5.86 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। कंपनी ने जुलाई-सितंबर 2021 के आंकड़े जारी करते हुए बताया है कि उसकी समेकित आय पिछले साल की समान अवधि के 1,318.95 करोड़ रुपये के मुकाबले 62 फीसदी बढ़कर 2,132.74 करोड़ रुपये हो गई। इसका कपड़ा कारोबार 68 फीसदी बढ़कर 1,711 करोड़ रुपये हो गया जिसमें कोविड महामारी के बाद घरेलू मांग में आई तेजी और निर्यात मांग में मजबूती का योगदान रहा। इसके उन्नत सामग्री प्रकोष्ठ (एएमडी) के लिए चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही खासी अच्छी रही और इसने 297 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया।
हालांकि कच्चे माल की लागत बढऩे का सिलसिला कायम है लेकिन क्षमता में सुधार और कीमतें बढ़ाने से उसकी भरपाई होती रही। इसके बावजूद लागत बढऩे से कंपनी का प्रतिशत मार्जिन कम हुआ है। ढुलाई एवं आवागमन संबंधी चुनौतियों की वजह से बांग्लादेश एवं अन्य देशों तक आपूर्ति पर असर बना हुआ है।
दूसरी तिमाही में कंपनी का डेनिम वॉल्यूम फिर से 2.5 करोड़ मीटर उत्पादन पर पहुंच गया। डेनिम का औसत मूल्य भी 214 रुपये प्रति मीटर हो गया जबकि पहली तिमाही में यह 202 रुपये प्रति मीटर था।
इंडियन ओवरसीज बैंक का शुद्ध लाभ बढ़ा
सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) का वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 154 फीसदी बढ़कर 376 करोड़ रुपये हो गया जबकि पिछे साल की समान अवधि में यह 148 करोड़ रुपये था।
बैंक ने जुलाई-सितंबर 2021 के आंकड़े जारी करते हुए बुधवार को बताया कि इस अवधि में उसकी कुल आय 5,376 करोड़ रुपये रह गई जो पिछले साल की दूसरी तिमाही की तुलना में करीब एक फीसदी कम है। बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी पीपी सेनगुप्ता ने बेहतर नतीजों के लिए अर्थव्यवस्था के बेहतर परिदृश्य को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि खुदरा, कृषि, एमएसएमई और कंपनी जगत के प्रदर्शन ने भी इसमें योगदान दिया है।
आईओबी की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला है। इसकी सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) जुलाई-सितंबर 2020 की तुलना में 11.29 फीसदी गिरकर 15,666 करोड़ रुपये पर आ गईं। दूसरी तिमाही में सकल एनपीए अनुपात पिछली तिमाही के 13.64 फीसदी की तुलना में सुधरकर 10.66 फीसदी पर आ गया। इन प्रयासों की ही वजह से आरबीआई ने गत 29 सितंबर को उसे त्वरित उपचारात्मक कार्रवाई (पीसीए) के निरोधक दायरे से बाहर कर दिया था। आईओबी का दूसरी तिमाही में शुद्ध ब्याज मार्जिन 2.43 फीसदी रहा जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 2.57 फीसदी का था। समीक्षाधीन अवधि में इसका परिचालन लाभ भी 5.42 फीसदी बढ़कर 1,419 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
एसबीआई लाइफ का लाभ घटा
एसबीआई लाइफ का शुद्ध लाभ 30 सितंबर, 2021 को समाप्त चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 17.7 प्रतिशत घटकर 247 करोड़ रुपये रह गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ 300 करोड़ रुपये था। निजी क्षेत्र की बीमा कंपनी ने बुधवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि जुलाई-सितंबर, 2021 तिमाही में उसकी शुद्ध प्रीमियम आय बढ़कर 14,660.64 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 12,857.95 करोड़ रुपये थी। वही कंपनी की कुल आय आलोच्य तिमाही के दौरान 25,404.10 करोड़ रुपये हो गई।
टॉरंट पावर का लाभ 82 फीसदी बढ़ा
वाणिज्यिक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं से आने वाली बिजली मांग बढऩे से टॉरंट पावर के कर-उपरांत मुनाफे में दूसरी तिमाही में 82.44 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। जुलाई-सितंबर 2021 की अवधि में इसका कर-उपरांत मुनाफा 368.84 करोड़ रुपये रहा जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 202.17 करोड़ रुपये था।ऊर्जा कंपनी ने वित्त वर्ष 2021-22 के परिणाम जारी करते हुए अपने मुनाफे की जानकारी दी। उसने बताया है कि उसका परिचालन राजस्व भी 17 फीसदी बढ़कर 3,648 करोड़ रुपये हो गया जो जुलाई-सितंबर 2020 में 3,129 करोड़ रुपये था। इस तिमाही में दूसरी लहर का असर कम होने के बाद मांग बढऩे के अलावा वितरण फ्रैंचाइजी कारोबार में होने वाला टीऐंडडी घाटा कम होने और संदिग्ध कर्जों के लिए वित्तीय प्रावधान कम होने से भी उसका प्रदर्शन सुधरा है। कंपनी को नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन से मिलने वाला अंशदान भी बढ़ा है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में टॉरेंट पावर ने सीईएससी लिमिटेड, हल्दिया एनर्जी लिमिटेड और अन्य के साथ समझौता कर सूर्या विद्युत का अधिग्रहण कर लिया।

First Published : October 27, 2021 | 11:03 PM IST