एल ऐंड टी ने उन्नत केनडु रिएक्टर एसीआर 1000 में सहयोग के लिए कनाडा की कंपनी एटॉमिक एनर्जी ऑफ कनाडा लिमिटेड (एईसीएल) से समझौता किया है।
हालांकि इस समझौते को अभी भारत और कनाडा सरकार से मंजूरी मिलना बाकी है। एल ऐंड टी भारत में उपकरण निर्माण, विनिर्माण और भारी जल रिएक्टर के लिए परियोजना प्रबंधन आदि के लिए काम कर रही है, जबकि एईसीएल को चार महाद्वीपों में भारी जल रिएक्टर बनाने में महारत हासिल है।
पूंजी लागत, सुरक्षा और दक्षता के लिहाज से भारी जल रिएक्टर डिजाइन अत्याधुनिक है। इस डिजाइन में ऑनलाइन ईंधन भरने की व्यवस्था होती है और इसमें बार-बार्र ईंधन भरने का झंझट नहीं होता है। एसीआर 1000 एईसीएल की तीसरी पीढ़ी का रिएक्टर है, जिसमें उच्च दाब वाला भारी जल रिएक्टर का सिद्धांत लागू होता है।
एल ऐंड टी और एईसीएल ने एसीआर 1000 की प्रतिस्पर्द्धी मॉडल बनाने के लिए एक दूसरे से समझौता किया है। इस समझौते के तहत जब लागत और उपयोगिता के आधार पर मॉडल तैयार कर लिया जाएगा, तब भारत में परमाणु बिजली प्लांट लगाने की दिशा में काम किया जाएगा।
एईसीएल और एल ऐंड टी इस बात को लेकर काफी आश्वस्त है कि एसीआर 1000 रिएक्टर की मांग काफी बढ़ेगी। एल ऐंड टी परमाणु ऊर्जा में तेजी से विकास के लिए बड़ी कंपनियों के साथ हाथ मिलाने की सोच रही है।