सत्यम मामले में इंजीनियरिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एलऐंडटी की गतिविधियों पर निगाह रख रही सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी ने कहा कि आईटी कंपनी अभी भी मूल्यवान है और सही नेतृत्व में इसका पुनरुद्धार किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि सत्यम में एलआईसी की चार फीसदी हिस्सेदारी है और निदेशक मंडल में उसका प्रतिनिधित्व है। एलआईसी के अध्यक्ष टी. एस. विजयन ने कहा कि एलआईसी का सत्यम में निवेश है। यदि बिक्री से बेहतर मुनाफा मिलता है, तो हम बिक्री का समर्थन करेंगे।
हालांकि उन्होंने कहा कि वे एलएंडटी के निदेशक मंडल में मौजूद एलआईसी के प्रतिनिधि को इस मामले में कोई निर्देश नहीं देंगे। यह पूछने पर कि एलएंडटी की सबसे बड़ी हिस्सेदारी वाली कंपनी के तौर पर क्या एलआईसी यह चाहेगी कि इंजीनियरिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सत्यम का अधिग्रहण करे।
विजयन ने कहा कि हम सबसे बड़े हिस्सेदार हैं, लेकिन एलऐंडटी निदेशक मंडल से चलने वाली कंपनी है। उल्लेखनीय है कि एलऐंडटी में भी एलआईसी की हिस्सेदारी 18 फीसदी है।
इस बीच खबर है कि सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज लिमिटेड की नई बोर्ड ने गोल्डमैन सैक्स को बतौर निवेश बैंक नियुक्त किया है। सत्यम के नए बोर्ड के सदस्य दीपक पारेख ने बताया कि छह सदस्यीय बोर्ड ने गोल्डमैन सैक्स को निवेश बैंकर के तौर पर नियुक्त किया है। यह निर्णय गुरुवार को बोर्ड की बैठक में ली गई।
सीईओ पर अभी नहीं हुआ फैसला
सत्यम कंप्यूटर के निदेशक मंडल ने कंपनी की तात्कालिक समस्याओ- नए मुख्य कार्याधिकारी एवं मुख्य वित्त अधिकारी चुनने और कारोबार चलाने के लिए धन जुटाने के संबंध में चर्चा करने के लिए बैठक की।
सूत्रों ने बताया कि सीईओ और सीएफओ के बारे में अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन निदेशक मंडल ने इन दो पदों के लिए मिले आवेदनों पर चर्चा की। कंपनी को चलाने के लिए फंड जुटाने संबंधी मुद्दे पर भी चर्चा की गई।