सलाहकार फर्म केपीएमजी 2003 के बाद एक बार फिर भारतीय वाणिज्य और उद्योग परिसंघ (फिक्की ) के लिए मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र के लिए 2009 की रिपोर्ट तैयार कर रही है।
केपीएमजी को यह मौका फिक्की द्वारा सत्यम मामले में फंसी प्राइसवाटरहाउस से नाता तोड़ने के बाद मिला है। इंडस्ट्री के सूत्र का कहना है कि केपीएमजी अब इस रिपोर्ट को एक महीने के भीतर तैयार करेगी। जबकि प्राइसवाटरहाउस को रिपोर्ट तैयार करने में हर साल आठ महीने लेती थी।
केपीएमजी की यह रिपोर्ट मंदी के इस दौर में मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र के प्रदर्शन को दिखायेगी। फिक्की इस रिपोर्ट को आठ बार तैयार करवा चुकी है। प्राइसवाटरहाउस ने इस रिपोर्ट को 2005 से 2008 के बीच में चार बार तैयार किया है।
एंडरसन ने भी इस रिपोर्ट को 2001 में तैयार किया है। जबकि अर्नेस्ट एंड यंग ने 2002 और 2004 में यह रिपोर्ट तैयार की है। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मीडिया के विभिन्न क्षेत्रों से संबधित जानकारी के लिए इस रिपोर्ट को सरकार द्वारा मान्यता भी प्रदान की गई है।
भारत के सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय ने भी मीडिया से संबधित अपने आलेखों पर इस रिपोर्ट का उल्लेख किया है। इंडस्ट्री सूत्रों का कहना है कि अंतराष्ट्रीय बाजार में यह रिपोर्ट अच्छी कीमतों पर भी उपलब्ध है। इनमें से कुछ रिपोर्ट की कीमत 550 से 900 अमेरिकी डॉलर के मध्य है।
वैसे तो हर साल मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र पर आधारित आठ से दस रिपोर्ट आती है। लेकिन फिक्की द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।
फिक्की के महासचिव अमित मित्रा ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि हमनें प्राइस वाटरहाउस के उच्च अधिकारियों को फैसले से अवगत करा दिया है।
हमनें उन्हें बता दिया है कि केपीएमजी द्वारा हमें कुछ रचनात्मक पहलुओं से भी अवगत कराया गया है। इसलिए 2009 के लिए रिपोर्ट की तैयारी के पीएमजी करेगी।
फिक्की से भी प्राइसवाटर विदा
सत्यम धोखाधड़ी मामले को नजरअंदाज करने के लिए आलोचना झेल रही प्राइस वाटरहाउस ने फिक्की के सालाना मनोरंजन समारोह में अपनी जगह खो दी है।
फिक्की ने समारोह के लिए प्राइस वाटरहाउस को हटाकर केपीएमजी को शामिल कर लिया है। उद्योग चैंबर फिक्की ने कहा कि फ्रेम समारोह में उसकी साझेदार केपीएमजी होगी।