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चुनावी मौसम में चैनलों पर पैसों की बरसात

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Last Updated- December 10, 2022 | 11:57 PM IST

घटती कमाई से हलकान हो रहे खबरिया चैनल, चुनावी मौसम आते ही दोनों हाथों से घन बटोरने में जुट गई हैं।
राजनेताओं के धुआंधार चुनाव प्रचार और चुनावी विज्ञापनों की वजह से समाचार चैनल अब करोड़ों की आमदनी करने में जुटे हैं। देश के दो प्रमुख दल- कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी को ही लें।
समाचार चैनलों पर ही ये दोनों दल क्रमश: 30 करोड़ रुपये और 25 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर रहे हैं। बात इतनी ही नहीं है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक, खबरिया चैनलों के अलावा, मनोरंजन चैनलों पर ये दोनों दल अलग से 20 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर रहे हैं।
अब से दो-तीन महीने पहले जनवरी-फरवरी में खबरिया चैनलों का विज्ञापन राजस्व तेजी से नीचे चला गया था। लेकिन चुनाव के चलते विज्ञापन से दूर हो चले ब्रांड अब विज्ञापन देने में रुचि दिखा रहे हैं।
चुनावी मौसम में दर्शकों की संख्या बढ़ती देख एमिटी यूनिवर्सिटी, बजाज आलियांज, सैमसंग और हीरो होंडा ने पहले ही आज तक, जी न्यूज और स्टार न्यूज के साथ स्पॉन्सरशिप करार पर दस्तंखत कर दिए हैं। एक हिंदी समाचार चैनल के प्रमुख ने बताया, ‘2009 के शुरुआती दिनों की तुलना में अप्रैल-मई में विज्ञापन में कम से कम 30 फीसदी उछाल का अनुमान है।’
हालांकि चैनलों के अधिकारियों ने इस मामले में कोई सटीक आंकड़ा देने से इनकार कर दिया, लेकिन सभी ने माना कि विज्ञापनदाता इन दिनों विज्ञापन देने में रुचि दिखा रहे हैं। टाइम्स नाउ के सीईओ चिंताणि राव ने बताया, ‘दर्शकों की तादाद बढ़ने से विज्ञापनदाताओं की रुचि में वृद्धि हुई है।’
घटती कमाई से हलकान चैनलों को चुनावी विज्ञापनों ने दिया सहारा
समाचार चैनलों के साथ-साथ मनोरंजन चैनल भी कर रहे मोटी कमाई
दर्शकों की संख्या बढ़ने से कंपनियां भी दिखा रहीं विज्ञापनों में रुचि

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First Published - April 11, 2009 | 3:30 PM IST

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