facebookmetapixel
Advertisement
Balanced Advantage Funds में बढ़ा इक्विटी दांव, गिरते वैल्यूएशन के बीच फंड मैनेजरों ने बदली रणनीतिभारत को AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाना होगा; टैक्स-छूट की घोषणा बड़ा अवसर: Nvidia‘वैश्विक AI खाई को पाटने की तुरंत जरूरत’: एआई समिट में माइक्रोसॉफ्ट प्रेसिडेंटBaroda BNP Paribas के ELSS फंड का कमाल, ₹10,000 की मंथली SIP से 20 साल में ₹1 करोड़; साथ में मिला टैक्स बेनेफिटदेश की आ​र्थिक सेहत के लिए सोने-चांदी का आयात बना चुनौती! ट्रेड डील से राहत की उम्मीदGovt Scheme: सड़क हादसे के बाद नहीं लगेगा एक भी रुपया! इस सरकारी योजना में मिलेगा 1.5 लाख तक फ्री इलाजStocks To Buy: रोड और इंफ्रा से जुड़े शेयरों में बन सकता है अच्छा मुनाफा, एक्सिस ने ₹275 से ₹1450 तक के दिए टारगेटAadhaar Update: बस एक ‘Hi’ भेजें और मोबाइल पर पाएं आधार कार्ड; जानें डाउनलोड करने का सबसे आसान तरीकाAI Impact Summit 2026: लेफ्टिनेंट जनरल विपुल सिंघल का बड़ा बयान- AI सिर्फ सलाह दे सकता है, आदेश नहीं₹140 तक जाएगा 100 रु का इंफ्रा स्टॉक! ब्रोकरेज ने कहा- Q3 ने दिखाया बड़ा बदलाव

आईटी यूनियन ने टीसीएस की नई नीति की आलोचना की

Advertisement

नई नीति में कर्मचारियों के लिए हर साल 225 दिनों के लिए बिल योग्य होने और बेंच टाइम 35 दिनों तक सीमित करना अनिवार्य बनाया गया है।

Last Updated- June 19, 2025 | 10:26 PM IST
TCS

अखिल भारतीय आईटी और आईटीईएस कर्मचारी यूनियन (एआईआईटीईयू) ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की नई नीति की आलोचना की है। नई नीति में कर्मचारियों के लिए हर साल 225 दिनों के लिए बिल योग्य होने और बेंच टाइम 35 दिनों तक सीमित करना अनिवार्य बनाया गया है।

यूनियन ने इस कदम को ‘एंटी-वर्कर पॉलिसी’ करार देते हुए कहा कि यह भारत के सबसे बड़े आईटी सेवा प्रदाता द्वारा अपनी प्रदर्शन सुधार योजना (पीआईपी) को सही ठहराने का कदम है, जिसका सहारा सभी कंपनियां कर्मियों की संख्या घटाने की प्रक्रिया के दौरान लेती हैं। यूनियन के महासचिव सौविक भट्टाचार्य ने एक बयान में कहा, ‘टीसीएस का आरएमजी (रिसोर्स मैनेजमेंट ग्रुप) कर्मचारियों की पर्याप्त बिलएबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार माना जाता है। जबकि यह सच है कि निष्क्रियता की लंबी अवधि का कर्मचारियों के क्षतिपूर्ति, व्यक्तिगत विकास और विदेश में तैनाती की संभावना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

नीति का एक छिपा मकसद आरएमजी से कर्मचारियों को पर्याप्त बिलएबिलिटी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी हस्तांतरित करना भी है।’ यूनियन ने कहा कि कर्मचारियों को प्रोजेक्ट प्रदान करने की जिम्मेदारी टीसीएस की है और वह सहयोगियों पर जिम्मा डालकर अपने कर्तव्य से दूर हो रही है।  यूनियन ने कहा, ‘वे समय सीमा 35 दिन निर्धारित कर रहे हैं और इसकी कोई गारंटी नहीं है कि टीसीएस कर्मचारियों पर अधिक दबाव डालने के मकसद से आने वाले दिनों में इसे और कम नहीं करेगी।’ 

Advertisement
First Published - June 19, 2025 | 10:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement