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Last Updated- December 05, 2022 | 4:53 PM IST

राज्य के बिजली सुधार प्रयासों की लगातार कोशिशों के परिणामस्वरूप करीब 15 बिजली कंपनियों ने लगभग 18,000 मेगावाट बिजली उत्पादन करने के लिए अपनी रुचि दिखाई है।


पिछले साल खजुराहो में आयोजित इनवेस्टर्स मीट केअच्छे नतीजे निकले और इस माह तक लगभग 20 कंपनियां पहले ही 25,000 मेगावाट बिजली उत्पादन के समझौतों पर हस्ताक्षर कर चुकी है।


इन 15 कंपनियों में भूषण एनर्जी 100 मेगावाट, सोलर इंडस्ट्रीज 1200 मेगावाट , एम.एस.पी.स्टील एंड पावर 1000 मेगावाट ,जेन एनर्जी 1000 मेगावाट ,आधुनिक थर्मल एनर्जी 1000 मेगावाट, जूम डेवलपर्स 1000 मेगावाट, के.व्ही.के.एनर्जी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर 1050 मेगावाट, सुनील हाइटेक 1320 मेगावाट, हॉलेक्स इंजीनियरिंग 35-40 मेगावाट, रिगहिल इंटरनेशनल 105 मेगावाट , नवभारत पावर प्रा.लिमिटेड 1000 मेगावाट, रेम्की इंफ्रास्ट्रक्चर 1000 मेगावाट, श्याम ग्रुप ऑफ कंपनीज 900 मेगावाट,आदर्श एग्रोटेक प्रा.लिमिटेड 600 मेगावाट, न्यू जोन इंडिया प्रा.लिमिटेड 600 मेगावाट शामिल हैं।


ऊर्जा विभाग के साचिव संजय बंद्योपाध्याय के मुताबिक इन सभी कंपनियों ने मध्य प्रदेश में ऊर्जा संयंत्र लगाने में अपनी रुचि दिखाई है और हम उम्मीद करते हैं कि इन सभी कंपनियों के साथ जल्द ही करारनामों पर दस्तखत हो जाएंगे। यदि ये सभी कंपनियां मध्य प्रदेश में अपनी परियोजनाएं लगा देती हैं तो मध्य प्रदेश देश का पावर हब बन जाएगा।

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First Published - March 22, 2008 | 12:53 AM IST

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