इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) ने सोनी इंटरटेनमेंट टेलीविजन (सेट) से बिग टीवी और एयरटेल डीटीएच के बीच प्रसारण करार में हुए भेदभाव के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।
गुरुवार को रिलायंस अनिल धीरूभाई ग्रुप की डीटीएच कंपनी बिग टीवी आईपीएल के साथ 137 करोड़ रुपये के चार साल के करार से पीछे हट गई। कंपनी ने कहा है कि सोनी ने मूल्य निर्धारण की भेदभावपूर्ण प्रणाली अपनाई है और इसलिए कंपनी इस समझौते से बाहर हो रही है।
बिग टीवी ने यह जानकारी आईपीएल के सीईओ सुंदर रमन को भी भेज दी है। रमन ने बताया कि यह सूचना उसे मिली है और वे इस संबंध में सोनी से स्पष्टीकरण चाहते हैं।
इस घटनाक्रम से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि मूल्य के भेदभाव का जो मामला है, उसके तहत सोनी, एयरटेल डीटीएच को बिग टीवी के मुकाबले एक चौथाई मूल्य पर प्रसारण अधिकार देने का ऑफर दे रही है।
यह तब दिया जा रहा है, जब बिग टीवी आईपीएल की ऑन ग्राउंड पार्टनर है। हालांकि इस मसले पर बिग टीवी के प्रवक्ता ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। सोनी ने पिछले साल की तरह 2009 में शुरू होने वाले आईपीएल सीजन के एक्सक्लूसिव प्रसारण के लिए किसी खास श्रेणी की व्यवस्था नहीं की है।
इसलिए सोनी पर प्रसारित हो रहे मैचों का प्रसारण अधिकार कोई भी डीटीएच कंपनी हासिल कर सकती है। एयरटेल ने इसका फायदा उठाया। हालांकि मूल्य को लेकर सोनी द्वारा किए गए भेदभाव से कंपनी मुश्किल में जरूर पड़ गई है।
हालांकि बिग टीवी ने इस करार से हटने का निर्णय ले लिया है, सोनी ने कहा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ बिग टीवी खुले बहस के लिए आ सकती है। बीसीसीआई के नियम के मुताबिक प्रसारण का अधिकार उस डीटीएच कंपनी को ही मिलेगा, जिसे ऑन ग्राउंड अधिकार प्राप्त है।
इस मामले में यह अधिकार बिग टीवी के पास है। बिग टीवी के बाहर होने से आईपीएल को चार साल में 137 करोड़ रुपये का घाटा होगा। सोनी को भी बिग टीवी के बाहर होने से चार साल में 120 करोड़ रुपये का घाटा होगा।