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Budget 2026 Webinar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उद्योग जगत के नेताओं से कहा कि वे निवेश बढ़ाएं, नई तकनीकों को अपनाएं और रिसर्च को प्राथमिकता दें। जिससे कि भारत की कंपनियां अलग-अलग देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से मिलने वाले अवसरों का पूरा फायदा उठा सकें।
उन्होंने बजट 2026-27 पर आयोजित दूसरे वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा, “रिसर्च में कटौती करने के दिन अब खत्म हो गए हैं। हमें अब शोध और विकास में बड़ा निवेश करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे उत्पाद वैश्विक गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरें। अब हमारे पास आगे बढ़ने के अवसर हैं, इसलिए हमारा एक ही मंत्र होना चाहिए- गुणवत्ता, गुणवत्ता, गुणवत्ता।”
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जिससे देश के लिए कई नए अवसर खुले हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में हमारी जिम्मेदारी है कि हम गुणवत्ता से कभी समझौता न करें। आज दुनिया भरोसेमंद और मजबूत विनिर्माण साझेदार की तलाश में है और भारत के पास यह भूमिका निभाने का बड़ा अवसर है। हमारी दिशा स्पष्ट है। हमारा संकल्प स्पष्ट है। ज्यादा बनाओ, ज्यादा उत्पादन करो, ज्यादा जुड़ो और अब ज्यादा निर्यात करो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव हो रहा है। अब बाजार सिर्फ कम लागत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, बल्कि स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) भी उतनी ही अहम हो गई है।
उन्होंने कहा कि कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण मिशन इस बदलाव को आगे बढ़ाने की एक प्रमुख पहल है। अब व्यवसाय की मुख्य रणनीति में स्थिरता को शामिल करना जरूरी है। जो उद्योग स्वच्छ तकनीक में जल्दी निवेश करेंगे, उन्हें आने वाले वर्षों में उभरते बाजारों में बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स के महत्व को भी रेखांकित किया और कहा कि ये हमारी विकास रणनीति के मजबूत स्तंभ हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल के बजट में इन प्राथमिकताओं को समर्थन देने के लिए रिकॉर्ड स्तर का पूंजीगत खर्च प्रस्तावित किया गया है। मजबूत अर्थव्यवस्था के कारण भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभर रहा है। ग्लोबल सप्लाई चेन में बदलाव के इस दौर में तेज आर्थिक विकास “विकसित भारत” के लक्ष्य को पूरा करने की कुंजी है।